सारस न्यूज़, सिलीगुड़ी।
नक्सलबाड़ी: नक्सलबाड़ी श्री रामकृष्ण आश्रम की ओर से सोमवार को स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती मनाई गई। आश्रम के सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर व माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर मैराथन दौड़ का भी आयोजन किया गया।
मैराथन दौड़ पानीघाटा के कलमा मोड़ से शुरू होकर नक्सलबाड़ी के नंदा प्रसाद विद्यालय तक आयोजित की गई, जिसमें करीब 1,200 लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में पांच युवकों और पांच युवतियों को प्रथम से पंचम स्थान तक कैश प्राइज और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

तीन दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 10, 11 और 12 जनवरी 2026 को ड्राइंग प्रतियोगिता, स्वामी विवेकानंद पर चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सिंगिंग प्रतियोगिता और छात्र भाषण प्रतियोगिता शामिल थीं।
इस अवसर पर सिलीगुड़ी फ्रंटियर के आईजी वंदन सक्सेना, सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति अरुण घोष, रामकृष्ण मिशन के सदस्य समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सिलीगुड़ी फ्रंटियर के आईजी वंदन सक्सेना ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश — “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” — आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए युवाओं को स्वामी विवेकानंद के बताए रास्ते पर चलना होगा।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। वे एक महान विभूति थे, जिन्होंने कम उम्र में ही देश और विदेशों में भारत का नाम रोशन किया। स्वामी विवेकानंद आज के आधुनिक युग में भी युवाओं के आदर्श हैं और उनका समाज सेवा का भाव अनुकरणीय है।
वहीं सभाधिपति अरुण घोष ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद के कहे गए एक-एक शब्द हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं।
