राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए मानवता की मिसाल पेश की है। गुरुवार को तेघरिया स्थित गायत्री शक्तिपीठ के प्रांगण में एक विशेष शिविर आयोजित कर सैकड़ों बेसहारा, वृद्ध और असहाय लोगों के बीच कंबलों का वितरण किया गया।
भीषण ठंड में मिली बड़ी राहत
पिछले कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए रेड क्रॉस की टीम ने पहले से ही जरूरतमंदों को चिन्हित किया था। चेयरमैन डॉ. इच्छित भारत के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान जब गरीबों को कंबल मिले, तो उनके चेहरों पर राहत की मुस्कान साफ नजर आई।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: डॉ. इच्छित भारत
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. इच्छित भारत ने कहा,
“इस भीषण ठंड में जरूरतमंदों की मदद करना और उन्हें ठिठुरन से बचाना ही सबसे बड़ा मानवीय धर्म है। ऐसे सेवा कार्य समाज में आपसी सहयोग, करुणा और सद्भावना की नींव को मजबूत करते हैं। हमारा उद्देश्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।”
जारी रहेगा सेवा का संकल्प
रेड क्रॉस के सचिव मिक्की साहा ने संस्था के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में टीम अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेगी और चिन्हित किए गए अन्य असहाय लोगों तक मदद पहुंचाएगी।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में रेड क्रॉस के सदस्यों और स्थानीय सामाजिक संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस मौके पर मुख्य रूप से —
सौरभ कुमार, सुमित साहा, सुदामा राय,
प्रवीर प्रसुन्न, हेमंत चौधरी, गगन साहा,
परमानंद यादव, सोहन मंडल, पंचानंद सिंह
समेत रेड क्रॉस के कई अन्य सक्रिय सदस्य व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
