राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राहत संस्था और MASH एग्रो फूड्स लिमिटेड, पोठिया के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण)’ रहा।
कानून और मौलिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी
मुख्य वक्ता डॉ. फरजाना बेगम ने कार्यशाला में मौजूद महिलाओं और कर्मियों को संबोधित करते हुए आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा,
“कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में काम करना हर महिला का मौलिक अधिकार है। यदि किसी भी महिला को कोई परेशानी होती है, तो वे बिना किसी डर के आंतरिक समिति के समक्ष अपनी बात रख सकती हैं।”

उन्होंने कानून की बारीकियों को समझाते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों को पहचानने और ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
प्रबंधन का सुरक्षा और न्याय का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान अगममीर अब्दुल खालिक ने कर्मियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि संस्थान हमेशा उनके साथ खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, MASH एग्रो फूड्स के प्रबंधन की ओर से डॉ. आशिक ने कहा कि यह निवारण समिति बेहद कारगर है और संस्थान में सभी के अधिकारों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कर्मियों से कानून को समझने और नियमों के तहत काम करने का आह्वान किया।
सैकड़ों कर्मियों ने ली सुरक्षा और सम्मान की शपथ
कार्यशाला में कंपनी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और कर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि —
वे कभी भी महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न या हिंसा नहीं करेंगे।
न ही कार्यस्थल पर किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त करेंगे।
यदि किसी के साथ कोई घटना होती है, तो उसे रोकने का प्रयास करेंगे और पीड़िता को इंसाफ दिलाने में पूरी मदद करेंगे।
