सारस न्यूज़, किशनगंज।
जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आईसीडीएस (समेकित बाल विकास सेवाएं) से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिला पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जनवरी 2026 तक सभी पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संबंधित सीडीपीओ को शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक माह कम से कम दो अधिक सुपोषित बच्चों को एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) भेजने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि मनरेगा एवं आईसीडीएस के संयुक्त अभिसरण के तहत प्रस्तावित 55 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 16 पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि शेष 39 केंद्रों पर भूमि संबंधी समस्याओं के कारण कार्य लंबित है। इस पर जिला पदाधिकारी ने सभी सीडीपीओ एवं मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी को अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

इसके अलावा सभी सीडीपीओ को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दो दिनों के भीतर समर्पित करने को कहा गया। साथ ही जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित कराने हेतु संबंधित केंद्रों की सूची विद्युत विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में किशनगंज जिला राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पर है। वहीं एफआरएस (FRS) रैंकिंग में जिला 29 दिसंबर 2025 को पांचवें स्थान पर था, जो 16 जनवरी 2026 तक गिरकर 11वें स्थान पर आ गया है। इस पर जिला पदाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को संबंधित कार्यों में सुधार लाने और रैंकिंग में पुनः उन्नति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।
