कला और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होती है, और इन्हें जीवंत बनाए रखने में कलाकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। कलाकारों को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के अंतर्गत किशनगंज जिले में चयनित कलाकारों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन किशनगंज के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ कलाकारों को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार झा ने की। उन्होंने योजना के अंतर्गत चयनित तीन लाभार्थी कलाकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त ने कहा कि कलाकार समाज की सांस्कृतिक विरासत के संवाहक होते हैं। लोक कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच जैसी परंपरागत विधाओं को संरक्षित रखने में उनका योगदान अमूल्य है। मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना ऐसे वरिष्ठ कलाकारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का माध्यम है, जिन्होंने जीवनभर कला साधना की, परंतु आर्थिक कठिनाइयों से जूझते रहे। यह योजना उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है।
कार्यक्रम में बताया गया कि योजना के अंतर्गत स्वीकृत लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹3000/- की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है। इस सहायता से कलाकारों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस योजना का लाभ उन्हीं कलाकारों को दिया जाता है, जिनकी आयु 50 वर्ष या उससे अधिक हो, जिन्होंने कम से कम 10 वर्षों तक अपनी कला विधा में सक्रिय योगदान दिया हो, जिनकी वार्षिक आय ₹1.20 लाख से कम हो तथा जो बिहार राज्य के स्थायी निवासी हों। यह योजना विशेष रूप से लोक कलाकारों, पारंपरिक संगीतकारों, नाट्य कलाकारों, शिल्पकारों एवं अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों के लिए तैयार की गई है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र कलाकार इस योजना से वंचित न रहे। इसके लिए लगातार आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं और पात्र कलाकारों के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जा रहे हैं।
समारोह के अंत में लाभार्थी कलाकारों ने बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके जीवनभर के कला-साधना की सच्ची पहचान है। उन्होंने अपनी कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
यह सम्मान समारोह जिले में कला एवं संस्कृति के संरक्षण और कलाकारों के सम्मान की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में याद किया जाएगा।
सारस न्यूज़, किशनगंज।
कला और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होती है, और इन्हें जीवंत बनाए रखने में कलाकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। कलाकारों को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के अंतर्गत किशनगंज जिले में चयनित कलाकारों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन किशनगंज के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ कलाकारों को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार झा ने की। उन्होंने योजना के अंतर्गत चयनित तीन लाभार्थी कलाकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त ने कहा कि कलाकार समाज की सांस्कृतिक विरासत के संवाहक होते हैं। लोक कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच जैसी परंपरागत विधाओं को संरक्षित रखने में उनका योगदान अमूल्य है। मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना ऐसे वरिष्ठ कलाकारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का माध्यम है, जिन्होंने जीवनभर कला साधना की, परंतु आर्थिक कठिनाइयों से जूझते रहे। यह योजना उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है।
कार्यक्रम में बताया गया कि योजना के अंतर्गत स्वीकृत लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹3000/- की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है। इस सहायता से कलाकारों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस योजना का लाभ उन्हीं कलाकारों को दिया जाता है, जिनकी आयु 50 वर्ष या उससे अधिक हो, जिन्होंने कम से कम 10 वर्षों तक अपनी कला विधा में सक्रिय योगदान दिया हो, जिनकी वार्षिक आय ₹1.20 लाख से कम हो तथा जो बिहार राज्य के स्थायी निवासी हों। यह योजना विशेष रूप से लोक कलाकारों, पारंपरिक संगीतकारों, नाट्य कलाकारों, शिल्पकारों एवं अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों के लिए तैयार की गई है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र कलाकार इस योजना से वंचित न रहे। इसके लिए लगातार आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं और पात्र कलाकारों के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जा रहे हैं।
समारोह के अंत में लाभार्थी कलाकारों ने बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके जीवनभर के कला-साधना की सच्ची पहचान है। उन्होंने अपनी कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
यह सम्मान समारोह जिले में कला एवं संस्कृति के संरक्षण और कलाकारों के सम्मान की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में याद किया जाएगा।