सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। हालिया फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों से अहम सबूत मिलने के बाद शुरुआती पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के अंतर्वस्त्र से जैविक साक्ष्य मिलने की पुष्टि हुई है, जिससे पहले लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को बल मिला है। गौरतलब है कि प्रारंभिक जांच में इन आरोपों को नजरअंदाज कर दिया गया था।
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को सौंप दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जा सकता है।
राज्य सरकार ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से भी जांच कराई जा सकती है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
इस बीच, शुरुआती जांच में हुई लापरवाहियों को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं, जिससे आरोपियों की पहचान में मदद मिल सके।
SIT की टीम लगातार अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़िता को न्याय मिल सके।
