किशनगंज में 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को मिल रही सुरक्षित भविष्य की सौगात
राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर महिलाओं में होने वाले गंभीर एवं जानलेवा कैंसरों में शामिल है, लेकिन समय रहते सही उम्र में किया गया एचपीवी टीकाकरण इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए किशनगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। यह टीकाकरण बालिकाओं के वर्तमान स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव भी रखता है। जिले के सभी प्रखंडों में विद्यालय आधारित एवं समुदाय स्तर पर विशेष टीकाकरण कैंप आयोजित कर बालिकाओं को ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र बालिकाओं को निर्धारित समय पर एचपीवी टीके के दोनों डोज प्राप्त हों, जिससे उन्हें गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से संपूर्ण सुरक्षा मिल सके।
बहादुरगंज प्रखंड में एचपीवी टीकाकरण कार्य का निरीक्षण
सोमवार को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बहादुरगंज प्रखंड के झीलझिल्ली पंचायत में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण की प्रक्रिया, कोल्ड चेन व्यवस्था, लाभार्थी सूची एवं टीकाकरण के बाद बालिकाओं की निगरानी व्यवस्था का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि टीकाकरण के समय बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों को टीके के महत्व, उसकी सुरक्षा तथा दोनों डोज की अनिवार्यता के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम में एचपीवी टीकाकरण की भूमिका
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का मुख्य कारण एचपीवी संक्रमण है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। ऐसे में बीमारी का पता देर से चलता है और उपचार कठिन हो जाता है। किशोरावस्था में एचपीवी टीका लगवाने से भविष्य में इस कैंसर के होने की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग 9 से 14 वर्ष की आयु में टीकाकरण को विशेष प्राथमिकता दे रहा है। जिले के सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका है। उन्होंने बताया कि किशनगंज जिले में सभी पात्र बालिकाओं को इस अभियान के तहत टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका बालिकाओं को जीवनभर के लिए एक गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करता है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जिले की कोई भी पात्र बालिका इस टीकाकरण से वंचित न रहे। अभिभावकों को चाहिए कि वे आगे आकर इस अभियान में सहयोग करें। वहीं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि एचपीवी टीका दो डोज में दिया जाता है, जिसमें पहले और दूसरे डोज के बीच छह माह का अंतर आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीके के दोनों डोज पूरे होने पर ही बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से संपूर्ण सुरक्षा मिलती है। टीकाकरण के बाद बालिकाओं को कुछ समय तक निगरानी में रखा जाता है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा पर तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके।
जानें क्या है ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी)
ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) एक ऐसा संक्रमण है, जो आगे चलकर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का प्रमुख कारण बनता है। यह संक्रमण लंबे समय तक बिना लक्षण के शरीर में बना रह सकता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार किशोरावस्था में एचपीवी टीका लगवाने से सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान बालिकाओं को स्वस्थ, सुरक्षित और कैंसर-मुक्त भविष्य देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
