सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ी गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। पूर्णिया हवाई अड्डे (@aaipxnairport) ने अपने कमर्शियल प्रचालन (Operations) शुरू होने के मात्र 5 महीनों के भीतर 1,00,000 से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद से यह हवाई अड्डा न केवल क्षेत्रीय हवाई संपर्कता (Connectivity) का केंद्र बना है, बल्कि बिहार के समग्र आर्थिक विकास में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।
तेजी से बढ़ता यात्री आधार
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पूर्णिया हवाई अड्डे ने यह मुकाम 31 जनवरी 2026 तक हासिल कर लिया।
- शुरुआत: 15 सितंबर, 2025 को पहली उड़ान।
- पहला माइलस्टोन: 12 दिसंबर, 2025 तक 50,000 यात्री।
- ऐतिहासिक आंकड़ा: जनवरी अंत तक 1 लाख से अधिक यात्री।
सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लिए ‘वरदान’
पूर्णिया हवाई अड्डा अब सीमांचल, कोसी और भागलपुर संभाग के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल और पश्चिम बंगाल के यात्रियों के लिए पहली पसंद बन गया है। पहले जहाँ इस क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए बागडोगरा (सिक्किम/बंगाल) या पटना जाना पड़ता था, अब वे सीधे पूर्णिया से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए उड़ान भर रहे हैं।
बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और रेल मंत्रालय ने सुविधाओं में विस्तार के निर्देश दिए हैं:
- नया एप्रन निर्माण: विमानों की पार्किंग के लिए नए एप्रन का काम अंतिम चरण में है, जिससे टर्नअराउंड समय कम होगा।
- कनेक्टिविटी: NH-31 से हवाई अड्डे तक फोर-लेन सड़क परियोजना पर काम शुरू हो चुका है।
- आधुनिक सुविधाएं: टर्मिनल में यात्रियों के लिए नाइट पार्किंग, टैक्टाइल फ्लोरिंग (दृष्टिबाधितों के लिए) और बेहतर मेडिकल इमरजेंसी रूम की व्यवस्था की गई है।
आर्थिक गतिविधियों को मिली गति
इस हवाई अड्डे के सफल संचालन ने स्थानीय व्यापार, विशेषकर मखाना उद्योग, जूट और केला उत्पादन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की राह आसान कर दी है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई संपर्क बढ़ने से क्षेत्र में होटल, परिवहन और पर्यटन के क्षेत्र में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।
“पूर्णिया हवाई अड्डा केवल एक यात्रा केंद्र नहीं है, बल्कि यह सीमांचल के सपनों की उड़ान है। 1 लाख यात्रियों का भरोसा यह साबित करता है कि यहाँ विकास की असीम संभावनाएं हैं।”
