सारस न्यूज़, अररिया।
पूर्णिया विश्वविद्यालय में कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित संबद्ध महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक के बाद अररिया कॉलेज में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में गुरुवार को अररिया कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. (प्रो.) रामदयाल पासवान ने कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्णयों की जानकारी दी।
प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी स्थिति में छात्र-छात्राओं के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। निर्धारित उपस्थिति से कम रहने पर विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपस्थिति से संबंधित प्रमाण-पत्र संबंधित विषय शिक्षक द्वारा जारी किया जाएगा, जिसे प्रधानाचार्य कार्यालय के माध्यम से विश्वविद्यालय को भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय की स्वीकृति के बाद ही परीक्षा आवेदन संभव होगा।
अभिभावकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों की नियमित कक्षा उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कॉलेज प्रशासन ने शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी शिक्षकों को प्रतिदिन कक्षा संचालन की फोटो और छात्रों की उपस्थिति रिपोर्ट प्रधानाचार्य कार्यालय में जमा करनी होगी। यही रिकॉर्ड कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा और इसी के आधार पर वेतन संबंधी विवरण विश्वविद्यालय को भेजा जाएगा। समय पर कक्षा संचालन नहीं करने या अनुपस्थित पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
विद्यार्थियों के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे कॉलेज परिसर में परिचय-पत्र साथ रखें। बिना पहचान-पत्र के प्रवेश वर्जित होगा। साथ ही स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (TC) प्राप्त करने से पहले कॉलेज परिचय-पत्र जमा करना अनिवार्य होगा।
प्रधानाचार्य ने पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, लैंग्वेज लैब और विभिन्न प्रयोगशालाओं की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सीबीसीएस पाठ्यक्रम से संबंधित आवश्यक पुस्तकों की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा छात्रों के लिए जिम, इंडोर व आउटडोर स्टेडियम, कॉमन रूम, खेल सामग्री, समाचार पत्र और मैगजीन जैसी सुविधाएं कॉलेज में उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाने की अपील की गई।
उन्होंने यूजी सीबीसीएस पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप को अनिवार्य बताते हुए कहा कि कॉलेज जल्द ही विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू साइन करेगा। पांचवें सेमेस्टर के सभी विद्यार्थियों को इंटर्नशिप से संबंधित जानकारी और प्रक्रिया के लिए प्रधानाचार्य कार्यालय से संपर्क करने को कहा गया है। जो छात्र इंटर्नशिप पूरी नहीं करेंगे, उन्हें स्नातक की डिग्री प्रदान नहीं की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन के इन फैसलों से यह साफ है कि अब शैक्षणिक अनुशासन और गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
