सारस न्यूज, किशनगंज। किशनगंज में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक माननीय सांसद डॉ. मो. जावेद की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण विभाग के माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान जिले के समग्र विकास से जुड़ी विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ICDS, बुडको, स्वास्थ्य, शिक्षा, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), खनन, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, विद्युत, PHED, पथ निर्माण विभाग, सहकारिता, राजस्व, लघु सिंचाई, नगर निकाय सहित अन्य विभागों की कार्यस्थिति पर चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सड़कों की जर्जर स्थिति, टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितता, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी तथा दोषी एजेंसियों के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग एवं जांच की मांग पर जोर दिया गया। ICDS पोठिया से जुड़ी शिकायतों की जांच, निगरानी विभाग की कार्रवाई, छतरगाछ में निर्माणाधीन अस्पताल में स्थानीय बालू की गुणवत्ता जांच, नशा व कैंसर से बचाव हेतु जागरूकता, अल्पसंख्यक छात्रावासों के रखरखाव और बिना मान्यता के संचालित CBSE/ICSE विद्यालयों की जांच जैसे विषय भी चर्चा में रहे।
माननीय सांसद डॉ. मो. जावेद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत हुए कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता से जिले की छवि प्रभावित नहीं होनी चाहिए। ICDS पोठिया मामले पर उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए प्रकरण की जांच की आवश्यकता बताई तथा इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आग्रह किया। साथ ही, सभी विभागों को योजनाओं की नियमित जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने जिले में रिक्त चिकित्सक पदों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। टप्पू-दिघलबैंक स्वास्थ्य केंद्र के समीप निजी अस्पतालों द्वारा अवैध रेफरल की शिकायत पर जिला पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जांच हेतु टीम गठित कर आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है।
जिले में बढ़ते कैंसर मामलों पर गंभीर चर्चा करते हुए सांसद ने बताया कि उच्च स्तर से समन्वय स्थापित कर जांच टीम भेजी जा रही है। PHED एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पेयजल के नमूनों की जांच के निर्देश दिए गए। अवैध खनन, कटावरोधी कार्य, बॉर्डर पिचिंग, रमजान नदी के सुंदरीकरण, अतिक्रमण हटाने एवं भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए मानक के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। ICDS में भ्रष्टाचार के मामलों पर उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए अब तक 86 व्यक्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी। नल-जल योजना में पीले पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे में कारण स्पष्ट करने एवं एक सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में सांसद ने दिशा की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित करने, औद्योगिक विकास को गति देने, स्थानीय रोजगार बढ़ाने, भूमि के दुरुपयोग पर रोक एवं प्रदूषण नियंत्रण हेतु प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया।
बैठक में एडीएम अमरेन्द्र कुमार पंकज, डीडीसी प्रदीप कुमार झा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी जफर आलम, अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, जिला योजना पदाधिकारी-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, विधायक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सारस न्यूज, किशनगंज। किशनगंज में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक माननीय सांसद डॉ. मो. जावेद की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण विभाग के माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान जिले के समग्र विकास से जुड़ी विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ICDS, बुडको, स्वास्थ्य, शिक्षा, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), खनन, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, विद्युत, PHED, पथ निर्माण विभाग, सहकारिता, राजस्व, लघु सिंचाई, नगर निकाय सहित अन्य विभागों की कार्यस्थिति पर चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सड़कों की जर्जर स्थिति, टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितता, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी तथा दोषी एजेंसियों के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग एवं जांच की मांग पर जोर दिया गया। ICDS पोठिया से जुड़ी शिकायतों की जांच, निगरानी विभाग की कार्रवाई, छतरगाछ में निर्माणाधीन अस्पताल में स्थानीय बालू की गुणवत्ता जांच, नशा व कैंसर से बचाव हेतु जागरूकता, अल्पसंख्यक छात्रावासों के रखरखाव और बिना मान्यता के संचालित CBSE/ICSE विद्यालयों की जांच जैसे विषय भी चर्चा में रहे।
माननीय सांसद डॉ. मो. जावेद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत हुए कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता से जिले की छवि प्रभावित नहीं होनी चाहिए। ICDS पोठिया मामले पर उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए प्रकरण की जांच की आवश्यकता बताई तथा इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आग्रह किया। साथ ही, सभी विभागों को योजनाओं की नियमित जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने जिले में रिक्त चिकित्सक पदों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। टप्पू-दिघलबैंक स्वास्थ्य केंद्र के समीप निजी अस्पतालों द्वारा अवैध रेफरल की शिकायत पर जिला पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जांच हेतु टीम गठित कर आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है।
जिले में बढ़ते कैंसर मामलों पर गंभीर चर्चा करते हुए सांसद ने बताया कि उच्च स्तर से समन्वय स्थापित कर जांच टीम भेजी जा रही है। PHED एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पेयजल के नमूनों की जांच के निर्देश दिए गए। अवैध खनन, कटावरोधी कार्य, बॉर्डर पिचिंग, रमजान नदी के सुंदरीकरण, अतिक्रमण हटाने एवं भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए मानक के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। ICDS में भ्रष्टाचार के मामलों पर उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए अब तक 86 व्यक्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी। नल-जल योजना में पीले पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे में कारण स्पष्ट करने एवं एक सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में सांसद ने दिशा की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित करने, औद्योगिक विकास को गति देने, स्थानीय रोजगार बढ़ाने, भूमि के दुरुपयोग पर रोक एवं प्रदूषण नियंत्रण हेतु प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया।
बैठक में एडीएम अमरेन्द्र कुमार पंकज, डीडीसी प्रदीप कुमार झा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी जफर आलम, अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, जिला योजना पदाधिकारी-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, विधायक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।