सारस न्यूज़, किशनगंज।
देश में लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनावी प्रक्रिया का औपचारिक आगाज़ हो गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि मतदान अप्रैल महीने में अलग-अलग तिथियों पर कराया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे, जिसमें पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। सभी राज्यों और पुडुचेरी की मतगणना 4 मई को की जाएगी।
सीटों की बात करें तो तमिलनाडु में 234 सीटें हैं, जहां वर्तमान में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सरकार है। पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव होंगे, जहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस वर्ष 2011 से सत्ता में है। केरल की 140 सीटों पर चुनाव होंगे और वहां पिनाराई विजयन के नेतृत्व में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सरकार कार्यरत है।
इसी तरह असम की 126 सीटों पर मतदान कराया जाएगा, जहां फिलहाल हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। वहीं पुडुचेरी में कुल 33 सीटें हैं, जिनमें तीन सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नामित किए जाते हैं और यहां एन. रंगासामी के नेतृत्व में सरकार चल रही है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार इन चुनावों के लिए देशभर में करीब 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए लगभग 25 लाख चुनाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस बार करीब 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान हिंसा, धनबल और किसी भी प्रकार के प्रलोभन को सख्ती से रोका जाएगा और किसी भी तरह के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास को देखने और समझने के लिए करीब 20 देशों के चुनाव आयोगों के प्रतिनिधि भी भारत आएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी राज्यों और पुडुचेरी में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
