सारस न्यूज़, किशनगंज।
जिले में ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से चल रहे जीविका कार्यक्रम का अध्ययन करने पहुंचे प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने विभिन्न सामुदायिक संगठनों का दौरा कर जमीनी हकीकत को समझा। इस दौरान अधिकारियों ने महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली, उनकी आर्थिक गतिविधियों और संगठनात्मक ढांचे का गहराई से अवलोकन किया।

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के 2025 बैच के कुल 10 प्रशिक्षु अधिकारियों ने कोचाधामन प्रखंड स्थित संकुल स्तरीय संघ का भ्रमण किया। यहां उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के सामूहिक प्रयासों से चल रहे संगठनों के संचालन, बैठक व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, ऋण प्रणाली और स्वरोजगार के विभिन्न मॉडलों की जानकारी ली।
अधिकारियों ने जीविका दीदियों से सीधा संवाद भी किया, जिसमें महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। कई महिलाओं ने ऋण लेकर छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली।

भ्रमण के दौरान टीम ने पोठिया क्षेत्र के केचकेचीपाड़ा स्थित चाय प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई का भी निरीक्षण किया। यहां महिलाओं द्वारा संचालित इस इकाई में चायपत्ती तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को अधिकारियों ने करीब से देखा और उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक की जानकारी प्राप्त की।
इस मौके पर जीविका से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों ने भी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और संबंधित कैडर मौजूद रहे।
इस भ्रमण के जरिए प्रशिक्षु अधिकारियों को ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के जमीनी मॉडल को समझने का अवसर मिला, जो उनके प्रशासनिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
