सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में कार्यरत कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध इकाई ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में जमीन, मकान और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि सेवा अवधि के दौरान उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति बनाई गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार मनोज रजक और उनके परिवार से जुड़े कुल 17 भूखंडों के कागजात मिले हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे खरीदी गई जमीनें, व्यावसायिक गोदाम, अररिया, दरभंगा और सुपौल में मकान, साथ ही नेपाल में निवेश से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन संपत्तियों के स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक सुपौल के पैतृक गांव में गैस एजेंसी, आवासीय निर्माण और अन्य निवेशों की भी पड़ताल हो रही है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई जमीनों और व्यवसायिक संपत्तियों के दस्तावेज भी एजेंसियों के कब्जे में आए हैं। नेपाल में निवेश और दार्जिलिंग क्षेत्र से जुड़े कागजात मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
आर्थिक अपराध इकाई अब यह भी देख रही है कि नौकरी के दौरान लिए गए प्रशासनिक फैसलों से कहीं सरकारी राजस्व को नुकसान तो नहीं पहुंचा। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य कानूनी धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्य और आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
