सारस न्यूज़, किशनगंज।
किशनगंज में रामनवमी पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से शांति समिति की बैठक आयोजित की। महानंदा सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता Vishal Raj और Santosh Kumar ने की। बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
सदस्यों ने जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, प्रमुख चौक-चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा भूतनाथ मंदिर क्षेत्र में भंडारा के दौरान महिला पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार एंबुलेंस की तैनाती, ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने, पेयजल के लिए पानी टैंकर, डस्टबिन, ट्रैक्टर और सफाईकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया गया।
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि कुछ बाइकर्स झंडा लगाकर बिना किसी आधिकारिक भूमिका के शहर में भ्रमण करते हैं, जिससे अनावश्यक तनाव की स्थिति बन सकती है। शांति समिति के सदस्यों ने ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जुलूस के तय रूट में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा और चिन्हित स्थानों पर ही एंबुलेंस तैनात रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समिति के सुझावों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि किशनगंज की पहचान आपसी भाईचारे और सौहार्द की रही है, जहां सभी समुदाय मिलकर त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराते हैं।
उन्होंने युवाओं के सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक सूचनाओं से प्रभावित होने पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिक एकता मंच के साथ समन्वय बढ़ाने, गंगा-जमुनी संस्कृति को मजबूत करने और अधिक से अधिक स्वयंसेवकों को जोड़ने की आवश्यकता बताई।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में अनेकता में एकता की मिसाल देखने को मिलती है और यही परंपरा रामनवमी के दौरान भी कायम रहनी चाहिए। उन्होंने आयोजन समितियों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें, अनुशासन बनाए रखें और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। साथ ही जुलूस के दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे।
