सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
किशनगंज जिले के पोठिया और ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया।
बैठक के दौरान गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण, नवजात शिशुओं की देखभाल, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही मोबाइल आधारित आशा ऐप के प्रभावी उपयोग, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान तथा मानव पैपिलोमा वायरस टीकाकरण जैसे विषयों पर भी विस्तार से समीक्षा की गई।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करें, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड को सावधानीपूर्वक भरें तथा टीबी मरीजों की पहचान और रिपोर्टिंग में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने अपने संदेश में कहा कि समुदाय को जागरूक किए बिना स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल सकता। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को नियमित जांच, टीकाकरण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करें ताकि समाज में एनीमिया, टीबी और अन्य गैर संचारी रोगों जैसी चुनौतियों को कम किया जा सके।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और डाटा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने कार्यों का अद्यतन रिकॉर्ड रखें और लाभार्थियों से संबंधित सभी जानकारियों को समय पर दर्ज करें।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और समन्वित प्रयास से जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी। पोठिया और ठाकुरगंज में आयोजित यह बैठक आने वाले समय में स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
