सारस न्यूज, किशनगंज।
जिले में महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत जीविका दीदियों द्वारा तैयार पोशाक अब आँगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों तक पहुंचने लगी है। मंगलवार को किशनगंज सदर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित शगुन जीविका दीदी का सिलाई घर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बच्चों के बीच पोशाक का वितरण किया।
इस अवसर पर ठाकुरगंज प्रखंड के आँगनवाड़ी केंद्रों के लिए तैयार पोशाक से भरी गाड़ी को डीएम और एसपी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बच्चों को पोशाक मिलते ही उनके चेहरों पर मुस्कान देखने लायक थी।
घर के पास रोजगार, बच्चों को मिल रही सुविधा : डीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि यह पहल दोहरी खुशहाली लेकर आई है। एक ओर किशनगंज की जीविका दीदियों को उनके घर के पास ही सिलाई कार्य के माध्यम से रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आँगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिले के अलग-अलग सिलाई सेंटरों पर बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ पोशाक निर्माण कार्य में जुटी हुई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
महिलाओं की तरक्की से समाज की प्रगति जुड़ी : एसपी
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इस अवसर पर कहा कि जब महिलाओं को रोजगार मिलता है, तो उसका सकारात्मक असर पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से न केवल घर-परिवार में खुशहाली आती है, बल्कि समाज, प्रदेश और देश की प्रगति भी तेज होती है।
उन्होंने जीविका दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सातों प्रखंडों में 1800 दीदियाँ जुड़ीं सिलाई कार्य से
इस मौके पर जीविका की डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सातों प्रखंडों में लगभग 1800 जीविका दीदियों को प्रशिक्षित कर कपड़ा सिलाई कार्य से जोड़ा गया है। विभिन्न सिलाई केंद्रों पर पोशाक निर्माण का कार्य तेज़ी से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि समेकित बाल विकास परियोजना के अंतर्गत जिले के सभी आँगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को पोशाक उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक करीब 30 हजार पोशाक तैयार किए जा चुके हैं, जबकि शेष पोशाकों के निर्माण का कार्य जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पोशाक तैयार कर लिए जाएंगे।
बड़ी संख्या में मौजूद रहीं जीविका दीदियाँ
कार्यक्रम में बीडीओ किशनगंज सदर कर्मवीर कुमार भारती, बीपीएम सदर जीविका शमशेर आलम, नॉन फॉर्म प्रबंधक डॉली, लाइवलीहुड स्पेशलिस्ट उदय कुमार पटेल, जीविका कर्मी सुप्रिया, राजीव समेत बड़ी संख्या में शगुन संकुल संघ की जीविका दीदियाँ और कैडर उपस्थित रहे।
छोटा और ज्यादा अखबारी हेडलाइन ऑप्शन:
- जीविका दीदियों की सिली पोशाक पहनेंगे आँगनवाड़ी के बच्चे
- किशनगंज में जीविका दीदियों को मिला रोजगार, बच्चों को मिली पोशाक
- डीएम-एसपी ने रवाना की पोशाक गाड़ी, बच्चों में बंटी खुशियां
- महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी जीविका की सिलाई पहल
