सारस न्यूज़, किशनगंज।
पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों से जोड़ने और उनके पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, अर्राबाड़ी, किशनगंज की ओर से शुक्रवार को पोठिया प्रखंड के आमबाड़ी गांव (बुधरा पंचायत) में किसान संवाद एवं पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महाविद्यालय द्वारा आयोजित 97वां किसान संवाद कार्यक्रम था, जिसमें क्षेत्र के पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. आकृति अन्ना ने बताया कि यह शिविर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. चंद्रहास के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों तक सीधे पहुंचकर उन्हें पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन, वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों तथा उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी देना है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की टीम ने लगभग 30 पशुपालक परिवारों से उनके घर जाकर संपर्क किया और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने, पशुओं के पोषण, देखभाल तथा रोगों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही महाविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न सेवाओं और तकनीकी सहायता के बारे में भी किसानों को अवगत कराया गया।
शिविर के दौरान कुल 95 पशुपालकों के 234 छोटे-बड़े पशुओं की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान पशुओं में पाए गए विभिन्न रोगों जैसे कृमि संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याएं, पोषण की कमी, गर्भधारण में कठिनाई तथा दूध उत्पादन से जुड़ी समस्याओं के लिए उपचार और आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।
पशुपालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविर में कृमिनाशक दवाएं, खनिज मिश्रण तथा अन्य आवश्यक औषधियां भी निःशुल्क वितरित की गईं, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिल सके।
इस पहल से आमबाड़ी गांव के पशुपालक काफी लाभान्वित हुए। ग्रामीणों ने अपने घर के पास ही पशु चिकित्सा सेवा और वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए महाविद्यालय के वैज्ञानिकों और टीम का आभार व्यक्त किया।
