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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का डिजिटलीकरण: पारदर्शी व त्वरित न्याय की दिशा में बड़ा कदम।

सारस न्यूज, किशनगंज।

किशनगंज जिले में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पोस्टमार्टम रिपोर्ट के डिजिटलीकरण को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। सोमवार को जिलाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इस महत्वपूर्ण पहल की प्रगति का आकलन किया गया।

बैठक में जनवरी से मार्च 2026 तक की संस्थानवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें सामने आया कि इस अवधि में जिले में कुल 324 मामलों का पंजीकरण हुआ। इनमें से 204 मामलों को स्थिर (फ्रीज) किया गया, जबकि 119 मामलों को पुनः सक्रिय (अनफ्रीज) किया गया। एक मामले को संदर्भित किया गया, जबकि किसी भी मामले को निरस्त नहीं किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार किशनगंज सदर अस्पताल में सर्वाधिक 85 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 42 मामले स्थिर और 43 पुनः सक्रिय किए गए। यहां 14 चिकित्सकीय-वैधानिक मामले एवं 71 पोस्टमार्टम रिपोर्ट दर्ज की गईं, जो अन्य संस्थानों की तुलना में अधिक हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठाकुरगंज में 90 मामलों में से 87 मामलों को स्थिर किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोचाधामन में 53 मामलों में से 34 स्थिर और 18 पुनः सक्रिय किए गए, जबकि एक मामला संदर्भित किया गया। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरगंज में 32, दिघलबैंक में 13 तथा पोठिया में 46 मामलों का निष्पादन किया गया। टेढ़ागाछ में 4 और रेफरल अस्पताल छत्तरगाछ में 1 मामला दर्ज हुआ, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किशनगंज में इस अवधि के दौरान कोई मामला दर्ज नहीं होना विशेष रूप से ध्यान देने योग्य रहा।

बैठक में जिलाधिकारी विशाल राज ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की डिजिटल प्रविष्टि शत-प्रतिशत और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का डिजिटलीकरण केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने संकेत दिया कि इस कार्य की पुनः समीक्षा शीघ्र की जाएगी और जिन संस्थानों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस पहल को प्राथमिकता देने और जिले को डिजिटल प्रणाली में अग्रणी बनाने का निर्देश दिया।

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