सारस न्यूज़ टीम, पटना।
जाति आधारित गणना के लिए आठ स्तरों पर अधिकारियों व कर्मियों की टीम काम करेगी। शिक्षक, लिपिक, मनरेगाकर्मी, आंगनबाड़ी सेविका व जीविका समूह के सदस्यों के माध्यम से जाति आधारित गणना का काम होगा। जिलाधिकारी को स्वतंत्रता दी गई है कि इनमें से किसके माध्यम से वह जाति आधारित गणना का काम कराना चाहते हैं। निगरानी का तंत्र सात स्तर पर संचालित होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इस पूरे ढांचे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जाति गणना से जुड़े आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल मोड में मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। इससे आंकड़ों के संकलन में सहूलियत होगी।
प्रगणक के स्तर से उन्हें आवंटित गणना क्षेत्र का नक्शा और लेआउट स्केच विधिवत तैयार किया जाएगा। मकानों को नंबर दिया जाएगा। इसके बाद जाति आधारित गणना के लिए बने प्रपत्र और मोबाइल ऐप में निर्धारित कोड के साथ आंकड़े भरे जाएंगे। किसी के द्वारा दिए गए व्यक्तिगत आंकड़े में किसी तरह का बदलाव या फिर छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा। कोई भी सूचना किसी से साझा नहीं की जाएगी। गणना का कार्य कोड बुक के अनुसार होगा। अगर कोई व्यक्ति प्रगणक को जानबूझकर गलत जानकारी देता है या फिर जानकारी देने से इनकार करता है तो प्रगणक इसकी जानकारी चार्ज अधिकारी को देंगे। इस संबंध में चार्ज अधिकारी के स्तर कार्रवाई की जाएगी। पर्यवेक्षक को जिम्मेवारी दी गई है कि वह सुनिश्चित करेंगे कि कोई मकान, कस्बा या क्षेत्र कवरेज से नहीं छूटे। चार्ज अधिकारी के माध्यम से पर्यवेक्षक व प्रगणक की नियुक्ति होगी। उन्हें यह देखना है कि मकानों की नंबरिंग हो और संबंधित इलाके का नक्शा तैयार करें। गणना का काम समय पर हो इसे भी उन्हें ही सुनिश्चित करना है। अनुमंडल गणना अधिकारी छह गणना क्षेत्र के लिए काम करेंगे। छह गणना क्षेत्र पर एक पर्यवेक्षण क्षेत्र होगा।
आठ स्तर की निम्न प्रकार से की गई हैं व्यवस्था:-
- अपर समाहर्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी या फिर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी होंगे अपर प्रधान गणना अधिकारी।
- अनुमंडल पदाधिकारी होंगे अनुमंडल गणना पदाधिकारी।
- नगर आयुक्त व कार्यपालक पदाधिकारी होंगे नगर चार्ज अधिकारी।
- प्रखंड विकास पदाधिकारी होंगे प्रखंड चार्ज अधिकारी।
- अपर नगर आयुक्त व सिटी मैनेजर होंगे सहायक नगर चार्ज अधिकारी।
- अंचलाधिकारी होंगे सहायक प्रखंड चार्ज अधिकारी।
- पर्यवेक्षक होंगे प्रगणक से एक उच्च स्तर के कर्मी।
- प्रगणक के रूप में होंगे शिक्षक, लिपिक, मनरेगा, आंगनबाड़ी व जीविका समूह के सदस्य।
