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किशनगंज के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अमित शाह, बीओपी भवनों का करेंगे उद्घाटन, इससे पहले गृहमंत्री बूढ़ी काली मंदिर में करीब 15 मिनट तक पूजा-अर्चना की।

सारस न्यूज टीम, किशनगंज।

अपने बिहार दौरे के दूसरे दिन शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह किशनगंज के दौरे पर हैं। अमित शाह इंडो-नेपाल बॉर्डर के फतेहपुर ससब कैंप पहुंचे। यहां उन्होंने जवानों संबोधित करते हुए झारखंड के बूढा पहाड़ और बिहार के भीमाबांध को नक्सल मुक्त बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि खुली सीमा पर ड्यूटी करना आसान नहीं होता। शाह ने कहा कि SSB के जवानों की वजह से ही आज नक्सलवाद खत्म होने कगार पर है।

गृहमंत्री ने जवानों के साथ ही लंच किया।​​ थोड़ी देर में शाह BSF अफसरों के साथ सीमा सुरक्षा पर बैठक करेंगे। शाह SSB कैपों में बीओपी फतेहपुर का दौरा और फतेहपुर, पेकटोला, बेरिया, आमगाछी और रानीगंज बीओपी भवनों का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले गृहमंत्री ने बूढ़ी काली मंदिर करीब 15 मिनट तक पूजा-अर्चना की। आरती में शामिल हुए। पंडितों का आशीर्वाद लेने के बाद वो मंदिर से निकल गए।

इस मंदिर में आने वाले अमित शाह देश के पहले गृहमंत्री हैं। इस मंदिर के लिए मुस्लिम नवाब ने जमीन दी थी। मंदिर में पूजा से पहले शाह ने कोर कमिटी की बैठक भी ली।अमित शाह साढ़े 3 बजे से शाम 5 बजे तक आजादी के अमृत महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद 5.50 पर विशेष विमान से चूनापूर हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए निकलेंगे।

मुस्लिम नवाब ने दान में दी थी मंदिर के लिए जमीन

अमित शाह बूढ़ी काली मंदिर में पूजा करने वाले पहले गृहमंत्री हैं । ये प्राचीन मंदिर हिन्दू-मुस्लिम सद्भावना की मिसाल है। इसका इतिहास 1902 से पहले का है। इस मंदिर की जमीन नवाब असद रजा ने दी थी।

कहा जाता है कि इस मंदिर की शरण में आने वाला कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता। लोग इसे जागृत मंदिर मानते हैं। भक्त मनोकामना पूरी होने पर यहां बलि भी चढ़ाते हैं। कार्तिक अमावस्या को यहां विशेष निशि पूजा होती है। यहां एक ही वंश के पंडित शुरू से पूजा करते आए हैं।

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