सारस न्यूज, किशनगंज।
किशनगंज डीएम श्रीकांत शास्त्री के निर्देश पर शहर में चल रहे हेल्थ केयर सेंटर में जैव अपशिष्ट अर्थात् मेडिकल कचरे का निस्तारण (डिस्पोजल) की जांच की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की स्पेशल टीम ने सोमवार कई नर्सिंग होम की जांच की।
बताते चलें कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, पटना के निर्देशानुसार किशनगंज जिले में कुल 66 हेल्थ केयर सेंटर को लेकर चिकित्सा अपशिष्ट का डिस्पोजल नियमानुसार नहीं किया जा रहा है। जिस वजह से इनके विरुद्ध जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के तहत कार्रवाई करने के लिए टीम गठित की गई थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद किशनगंज के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार, डीआईओ डॉ. देवेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों की एक टीम गठित की गई हैं जो सभी हेल्थ सेंटरों की जांच कर यह रिपोर्ट सबमिट करेगा कि जैव अपशिष्ट अर्थात् मेडिकल कचरे का निस्तारण हेल्थ सेंटरों द्वारा सही रुप से किया जा रहा है या नहीं। वहीं नप किशनगंज के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि बहुत सारी त्रुटियां पाई गई हैं, बहुतों के पास बायो मेडिकल वेस्ट का सर्टिफिकेट ही नहीं है, जिनके पास सर्टिफिकेट है भी तो उनके यहां बायो मेडिकल वेस्ट जहां तहां फेंका हुआ मिला। बहुत सारे नर्सिंग होम ऐसे थे जिनके पास कॉमर्शियल नक्शा पास नही था। अबतक 15 नर्सिंग होम की जांच हुई है, जांच के बाद कार्रवाई की जानी है। वहीं डीआईओ किशनगंज डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि जो सबिस्टेंडर्ड नर्सिंग होम होंगे या तो वो बंद होंगे या उन्हें पनिशमेंट दी जाएगी।
