राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश, सिविल सर्जन और जिलाधिकारी ने दी सतर्क रहने की सलाह
जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बीते तीन दिनों से सर्द हवाओं और गिरते तापमान ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार और जिलाधिकारी विशाल राज ने नागरिकों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
शिशुओं और गर्भवती महिलाओं की देखभाल पर जोर
सिविल सर्जन ने कहा, “ऐसे मौसम में शिशुओं और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य सबसे अधिक संवेदनशील होता है। उनकी सुरक्षा और देखभाल हर परिवार की प्राथमिकता होनी चाहिए।” उन्होंने सुझाव दिया कि:
- नवजात शिशुओं को हमेशा गर्म कपड़ों में रखें और ठंडी हवाओं से बचाएं।
- गर्भवती महिलाओं को गर्म कपड़े पहनने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए।
- कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए सतर्कता जरूरी
डॉ. कुमार ने बताया, “हृदय, मधुमेह और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऐसे मरीजों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि:
- कोहरा और ठंडी हवा से बचने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें।
- हल्का व्यायाम और योग करने से शरीर सक्रिय रहता है और ठंड का प्रभाव कम होता है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां और अपील
जिलाधिकारी विशाल राज ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “ठंड और शीतलहर के प्रभाव को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें और बचाव के उपायों को गंभीरता से अपनाएं।”
स्वास्थ्य विभाग ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर शिशुओं और गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करें।
ठंड से बचाव के लिए जरूरी सुझाव
- गर्म कपड़ों का प्रयोग: बच्चों और बुजुर्गों को टोपी, स्वेटर और मोजे पहनाएं।
- घर पर रहें: विशेषकर बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग सुबह-शाम बाहर न निकलें।
- संतुलित आहार: गर्म और ताजा भोजन करें। रात में हल्का भोजन और सोने से तीन घंटे पहले खाना खाएं।
- शारीरिक सक्रियता: घर में योग और हल्का व्यायाम करें।
- गर्म पानी का सेवन: नियमित रूप से गर्म पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहेगा।
ठंड में लापरवाही हो सकती है खतरनाक
सिविल सर्जन ने कहा कि शीतलहर के इस मौसम को हल्के में न लें। समय पर सावधानी बरतने से ठंड से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां और जागरूकता अभियान यह दर्शाते हैं कि प्रशासन ठंड के प्रभाव को कम करने के लिए पूरी तरह से सतर्क है। सिविल सर्जन और जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
