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बाल अधिकार संरक्षण के प्रति सजगता: किशनगंज में आयोग के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने किए कई संस्थानों का निरीक्षण।

सारस न्यूज़, किशनगंज।


बाल संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास की दिशा में कार्यरत संस्थानों की स्थिति जानने एवं सुधार के उद्देश्य से बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के माननीय सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने सोमवार, 1 जुलाई 2025 को किशनगंज जिले के कई बाल संरक्षण व शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। यह दौरा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संपन्न हुआ, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण आवासीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत संचालित “Place of Safety” शामिल रहे।

आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण: अभिभावकों को किया गया जागरूक

डॉ. दास ने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 163 का निरीक्षण किया और केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने सेविका को निर्देशित किया कि केंद्र के आवासीय क्षेत्रफल को यथासंभव बढ़ाया जाए और बच्चों के अभिभावकों को जागरूक किया जाए कि वे बच्चों को स्वच्छता बनाए रखते हुए — स्नान कराकर, साफ कपड़े व चप्पल पहनाकर — नियमित रूप से केंद्र भेजें।

विद्यालयों में सुविधाएं और स्वच्छता की समीक्षा

डॉ. दास ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर छात्रावास की स्वच्छता, बिस्तरों, चादरों की स्थिति और प्रोत्साहन राशि के समय पर भुगतान पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मापदंडों के अनुसार सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

नवोदय विद्यालय के निरीक्षण में उन्होंने कंप्यूटर शिक्षा की प्रगति और भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा की और छात्रों को बेहतर तकनीकी और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय: आत्मबल और सर्वांगीण विकास पर जोर

खगड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में डॉ. दास ने छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु योग, जूडो-कराटे प्रशिक्षण तथा सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे गीत-संगीत प्रतियोगिता आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि बच्चियों का मानसिक और शारीरिक विकास संतुलित हो।

Place of Safety: किशोरों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना

किशोर न्याय अधिनियम के तहत संचालित सुरक्षा गृह (Place of Safety) का निरीक्षण करते हुए डॉ. दास ने वहाँ की स्वच्छता, खानपान, आवास व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों से संतुष्टि जताई। उन्होंने किशोरों से बातचीत करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया और अपने निजी अनुभव भी साझा किए।

बाल संरक्षण पदाधिकारी द्वारा किशोरों के पुनर्वास हेतु किए जा रहे प्रयासों — जैसे खेलकूद, योग, मोटिवेशनल सत्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और व्यावसायिक प्रशिक्षण में उद्योग विभाग और स्थानीय संस्थानों से समन्वय — की जानकारी दी गई। इन नवाचारों की सराहना करते हुए डॉ. दास ने इन्हें अन्य जिलों में भी लागू करने की बात कही।

समापन में समीक्षा बैठक, योजनाओं पर हुई चर्चा

निरीक्षण के बाद समाहरणालय में एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस उपाधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास निगम, बाल संरक्षण पदाधिकारी समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में डॉ. दास ने विभिन्न योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश जारी किए।


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