सारस न्यूज, वेब डेस्क।
- तिथि: शुक्ल पक्ष की षष्ठी — रात्रि 12:01 बजे तक; उसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी।
- मास / माह: मार्गशीर्ष मास
- संवत्: विक्रम संवत 2082
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: श्रवण — आज सुबह तक रहेगा, उसके बाद अगले नक्षत्र में परिवर्तन हो सकता है।
- योग: वृद्धि योग — दोपहर 12:43 बजे तक रहेगा।
- करण: कौलव करण — दोपहर 11:33 बजे तक; उसके बाद तैतिल करण।
🌞 सूर्योदय / चंद्र तथा अन्य खगोलीय जानकारी
- सूर्योदय: लगभग 06:53 AM
- सूर्यास्त: लगभग 05:24 PM
- चंद्रमा राशि: चंद्रमा मकर राशि में है।
🕉️ शुभ / अशुभ मुहूर्त एवं समय
| मुहूर्त / काल | समय / अवधि / टिप्पणी |
|---|---|
| राहु काल (अशुभ) | लगभग 11:29 AM – 12:50 PM |
| गुलिक काल | ~ 10:07 AM – 11:29 AM |
| यम-गंड | ~ 07:25 AM – 08:46 AM |
| अमृत काल (शुभ) | ~ 02:27 PM – 04:10 PM |
| विजय मुहूर्त (शुभ) | ~ 01:17 PM – 02:00 PM |
| निशिता मुहूर्त | 11:03 PM – 11:55 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त (सुबह पूजा-अर्चना हेतु) | ~ 04:18 AM – 05:11 AM |
टिप: राहु काल और यम-गंड काल के दौरान नए काम, यात्रा या शुभ कार्य से बचना अच्छा माना जाता है।
🎯 उपयोग — आज किन कामों के लिए शुभ या उचित
- आज षष्ठी तिथि होने के कारण, यदि आप पूजा-पाठ, देवी-देवताओं की अराधना, साधना या दान–पुण्य करना चाहते हों, तो ब्रह्म मुहूर्त (सुबह) या अमृत / विजय मुहूर्त (दोपहर/शाम) शुभ माने जाते हैं।
- नकारात्मक कर्म, शुरुआत, नया शुभ कार्य आदि के लिए राहु काल तथा यम-गंड/गुलिक काल से बचें।
- सामाजिक/धार्मिक कार्यक्रम, व्रत, अनुष्ठान आदि शाम या रात के निशिता मुहूर्त में करना लाभदायक हो सकता है।
