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परिवार नियोजन से सुरक्षित भविष्य : ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा जागरूकता अभियान ने बढ़ाई जिम्मेदार सहभागिता।

राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।


सारथी रथ, हेल्थ मेला और विशेषज्ञ परामर्श से समुदाय में फैली भ्रांतियों को तोड़ने का प्रयास

जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए चल रहा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा अभियान आज ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यापक जागरूकता गतिविधियों के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जनसंख्या स्थिरीकरण नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना, महिलाओं पर पड़ने वाले अनावश्यक भार को कम करना और समाज में संतुलित व सतत विकास की राह तैयार करना है। सरकार का मानना है कि स्थिर और योजनाबद्ध परिवार केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि संपूर्ण सामाजिक प्रगति का आधार है, इसलिए इस पखवाड़ा अभियान को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

सारथी रथ और हेल्थ मेला: जागरूकता सीधे जनता तक पहुँची

ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयोजित हेल्थ मेले ने बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया। मेले में परिवार नियोजन के सभी विकल्पों पर चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत परामर्श दिया गया। विशेषकर पुरुष नसबंदी से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी, प्रक्रिया की सरलता, सुरक्षा और भ्रांतियों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। इसी दौरान सारथी रथ को भी विशेष जागरूकता अभियान के लिए रवाना किया गया। यह रथ विभिन्न पंचायतों, बाजारों और मुख्य मार्गों से होते हुए आमजन को पुरुष नसबंदी के महत्व एवं लाभों के बारे में सरल भाषा में संदेश देता रहा। इससे ग्रामीणों के मन में उठ रहे सवालों और आशंकाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण मदद मिली।

पुरुषों की सहभागिता से महिलाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान ने कहा कि “परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है। पुरुषों द्वारा नसबंदी अपनाने से महिलाओं पर पड़ने वाला शारीरिक और मानसिक बोझ काफी कम हो जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है। हमारा प्रयास है कि समाज में व्याप्त गलत धारणाओं को दूर किया जाए और पुरुषों को परिवार नियोजन में बराबर की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाए।”

वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित पुरुष नसबंदी, सहयोगी संस्थाएँ बनीं सशक्त सहयोगी

जिले के सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पद्धति है। इससे पुरुष की क्षमता, शक्ति या स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए निरंतर संवाद और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में पीएसआई इंडिया और सीएफएआर का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। ये संस्थाएँ गांवों में जाकर लोगों को सही जानकारी देती हैं और व्यवहार परिवर्तन में स्वास्थ्य विभाग को मजबूत सहयोग प्रदान करती हैं।

प्रत्येक प्रखंड निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करे — परिवार नियोजन विकास की बुनियाद है

जिलाधिकारी विशाल राज ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार नियोजन केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गंभीरतापूर्वक कार्य करे। डीएम ने कहा कि “पुरुष नसबंदी पखवाड़ा हमारे लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है कि हम पुरुषों में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को व्यापक स्तर पर बढ़ा सकें। स्वास्थ्य विभाग, सहयोगी संस्थाएँ और प्रखंड प्रशासन मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं।” उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि किसी भी पंचायत को अभियान से वंचित न किया जाए और सभी सेवाएँ समय पर उपलब्ध हों।

अधिक पंचायतों में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन

आज के आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि जब जानकारी प्रमाणिक होती है और संवाद स्पष्ट, तो लोग परिवार नियोजन के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं। आने वाले दिनों में ठाकुरगंज प्रखंड की अन्य पंचायतों में भी सारथी रथ, परामर्श सत्र और जागरूकता अभियानों के माध्यम से पुरुष नसबंदी से संबंधित जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाई जाएगी। उद्देश्य यह है कि सुरक्षित परिवार नियोजन, मातृ–शिशु स्वास्थ्य और सामाजिक संतुलन का संदेश अधिक से अधिक परिवारों तक पहुँच सके।

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