सारस न्यूज, वेब डेस्क।
- पंचांग मास: मार्गशीर्ष (मार्गशीर्ष मास)
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: नवमी — रात 11:15 बजे तक, उसके बाद दशमी शुरू होगी
- संवत: विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु)
- दिन / वार: शनिवार
🌙 नक्षत्र, योग, करण, राशि आदि
- नक्षत्र: पूर्व-भाद्रपद (पूरा दिन)
- योग: दिन की शुरुआत में — Harshana Yog; फिर — Vajra Yog (सुबह 9:27 बजे तक हर्षना रहेगी)
- करण: पहले — Balava (सुबह 11:50 तक), फिर — Kaulava (शाम 11:15 तक)
- सूर्य राशि: वृश्चिक
- (कुछ स्रोतों के अनुसार) चंद्रमा राशि: आज चंद्रमा-कुंभ या मीन राशि में रहा।
⏰ शुभ / अशुभ समय (मुहूर्त / काल)
| काल / मुहूर्त | समय / जानकारी |
|---|---|
| Rahu Kaal (राहुकाल) | सुबह 9:00 बजे – 10:30 बजे तक (कुछ स्रोत 9:32–10:51 बता रहे) |
| Abhijit Muhurat | दोपहर लगभग 11:48 बजे – 12:30 बजे तक |
| शुभ मुहूर्त (पूजा, शुभ कार्यों के लिए) | उपरोक्त अभिजित मुहूरत शुभ है |
📝 कुल अवलोकन / सुझाव
- नवमी तिथि तथा शुभ योग (Harshana → Vajra) के कारण आज धार्मिक या शुभ कार्यों के लिए अच्छा दिन माना जा सकता है।
- लेकिन राहुकाल में (सुबह 9–10:30) शुभ कार्य न करें — ये काल अशुभ माना जाता है।
- अगर आप पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ-कार्य या व्रत आदि कर रहे हैं — तो अभिजित मुहूरत (लगभग 11:48–12:30) शुभ योग है।
- राशिचक्र, नक्षत्र व योग की स्थिति देखकर — निजी शुभ कार्य, सौभाग्य या यात्रा जैसी योजना आज कर सकते हैं।
