सारस न्यूज, वेब डेस्क।
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- मास: मार्गशीर्ष
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: रविवार
- ऋतु: हेमन्त (डिसेंबर-जनवरी जैसा शीत ऋतु)
🌙 तिथि, नक्षत्र, योग, करण
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| तिथि | दशमी (दोपहर 09:29 बजे तक) — उसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी |
| नक्षत्र | उत्तरभाद्रपद नक्षत्र — रात ≈ 1:10 बजे तक, फिर रेवती नक्षत्र शुरू |
| योग | वज्र योग (सुबह तक) → फिर सिद्धि योग चलेगा |
| करण | तैतिल करण (सुबह तक), फिर गरज (Garaja) करण रहेगा |
| चन्द्र राशि | दिन में चंद्रमा मेष राशि से कुंभ/मीन राशि में परिवर्तित हो सकती है (स्थान अनुसार) |
🕯️ शुभ-अशुभ मुहूर्त व समय
- राहु काल (अशुभ काल): शाम लगभग 4:30 बजे – 6:00 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त (शुभ कार्य हेतु): दिन के मध्य— लगभग 11:35 AM – 12:20 PM
- अन्य शुभ काल / सुझावित समय: दिन का अधिकांश समय शुभ माना गया है, विशेषकर तिथि (दशमी) और योग (सिद्धि) के कारण।
⚠️ टिप्पणी: कुछ स्रोतों में शाम 4:04–5:23 PM के बीच राहुकाल बताया गया है। शहर के अनुसार थोड़ा समय बदल सकता है, इसलिए काम शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग देख लें।
✅ आज के लिए सुझाव (शुभ / वर्जित)
- आज दसमी तिथि + सिद्धि योग — पूजा-पाठ, हल्का धार्मिक कार्य, घर-घर की शुरुआत आदि के लिए अनुकूल।
- राहु काल (4:30–6:00 PM) में बड़े निर्णय, शुभ कार्य, घर-प्रवेश, यात्रा आदि से बचें।
- अभिजित मुहूर्त (11:35 AM–12:20 PM) — नया कार्य शुरू करने या महत्वपूर्ण काम के लिए शुभ समय।
अगर आप चाहें, तो पटना़ (आपके क्षेत्र अनुसार) का पंचांग — सूर्योदय/सूर्यास्त, चंद्रोदय/चंद्रास्त, स्थानीय मुहूर्त आदि सहित तैयार कर सकता हूँ — जिससे देरी या समय के अंतर से बचा जा सके। करना चाहेंगे?
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- मास: मार्गशीर्ष
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: रविवार
- ऋतु: हेमन्त (डिसेंबर-जनवरी जैसा शीत ऋतु)
🌙 तिथि, नक्षत्र, योग, करण
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| तिथि | दशमी (दोपहर 09:29 बजे तक) — उसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी |
| नक्षत्र | उत्तरभाद्रपद नक्षत्र — रात ≈ 1:10 बजे तक, फिर रेवती नक्षत्र शुरू |
| योग | वज्र योग (सुबह तक) → फिर सिद्धि योग चलेगा |
| करण | तैतिल करण (सुबह तक), फिर गरज (Garaja) करण रहेगा |
| चन्द्र राशि | दिन में चंद्रमा मेष राशि से कुंभ/मीन राशि में परिवर्तित हो सकती है (स्थान अनुसार) |
🕯️ शुभ-अशुभ मुहूर्त व समय
- राहु काल (अशुभ काल): शाम लगभग 4:30 बजे – 6:00 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त (शुभ कार्य हेतु): दिन के मध्य— लगभग 11:35 AM – 12:20 PM
- अन्य शुभ काल / सुझावित समय: दिन का अधिकांश समय शुभ माना गया है, विशेषकर तिथि (दशमी) और योग (सिद्धि) के कारण।
⚠️ टिप्पणी: कुछ स्रोतों में शाम 4:04–5:23 PM के बीच राहुकाल बताया गया है। शहर के अनुसार थोड़ा समय बदल सकता है, इसलिए काम शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग देख लें।
✅ आज के लिए सुझाव (शुभ / वर्जित)
- आज दसमी तिथि + सिद्धि योग — पूजा-पाठ, हल्का धार्मिक कार्य, घर-घर की शुरुआत आदि के लिए अनुकूल।
- राहु काल (4:30–6:00 PM) में बड़े निर्णय, शुभ कार्य, घर-प्रवेश, यात्रा आदि से बचें।
- अभिजित मुहूर्त (11:35 AM–12:20 PM) — नया कार्य शुरू करने या महत्वपूर्ण काम के लिए शुभ समय।
अगर आप चाहें, तो पटना़ (आपके क्षेत्र अनुसार) का पंचांग — सूर्योदय/सूर्यास्त, चंद्रोदय/चंद्रास्त, स्थानीय मुहूर्त आदि सहित तैयार कर सकता हूँ — जिससे देरी या समय के अंतर से बचा जा सके। करना चाहेंगे?
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- मास: मार्गशीर्ष
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: रविवार
- ऋतु: हेमन्त (डिसेंबर-जनवरी जैसा शीत ऋतु)
🌙 तिथि, नक्षत्र, योग, करण
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| तिथि | दशमी (दोपहर 09:29 बजे तक) — उसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी |
| नक्षत्र | उत्तरभाद्रपद नक्षत्र — रात ≈ 1:10 बजे तक, फिर रेवती नक्षत्र शुरू |
| योग | वज्र योग (सुबह तक) → फिर सिद्धि योग चलेगा |
| करण | तैतिल करण (सुबह तक), फिर गरज (Garaja) करण रहेगा |
| चन्द्र राशि | दिन में चंद्रमा मेष राशि से कुंभ/मीन राशि में परिवर्तित हो सकती है (स्थान अनुसार) |
🕯️ शुभ-अशुभ मुहूर्त व समय
- राहु काल (अशुभ काल): शाम लगभग 4:30 बजे – 6:00 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त (शुभ कार्य हेतु): दिन के मध्य— लगभग 11:35 AM – 12:20 PM
- अन्य शुभ काल / सुझावित समय: दिन का अधिकांश समय शुभ माना गया है, विशेषकर तिथि (दशमी) और योग (सिद्धि) के कारण।
⚠️ टिप्पणी: कुछ स्रोतों में शाम 4:04–5:23 PM के बीच राहुकाल बताया गया है। शहर के अनुसार थोड़ा समय बदल सकता है, इसलिए काम शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग देख लें।
✅ आज के लिए सुझाव (शुभ / वर्जित)
- आज दसमी तिथि + सिद्धि योग — पूजा-पाठ, हल्का धार्मिक कार्य, घर-घर की शुरुआत आदि के लिए अनुकूल।
- राहु काल (4:30–6:00 PM) में बड़े निर्णय, शुभ कार्य, घर-प्रवेश, यात्रा आदि से बचें।
- अभिजित मुहूर्त (11:35 AM–12:20 PM) — नया कार्य शुरू करने या महत्वपूर्ण काम के लिए शुभ समय।
