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कोलकाता में मेसी का दौरा बना अव्यवस्था का शिकार, मिनटों में खत्म हुआ ऐतिहासिक पल।

ByHasrat

Dec 14, 2025

सारस न्यूज़, वेब डेस्क।

भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए यादगार बनने वाली सुबह शनिवार को कोलकाता में निराशा और अफरा-तफरी में बदल गई। ‘GOAT इंडिया टूर’ के तहत कोलकाता पहुंचे अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी का बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम कुछ ही मिनटों में समाप्त हो गया, जिससे हजारों प्रशंसक मायूस रह गए।

सॉल्ट लेक स्टेडियम में मेसी ने कुछ क्षणों के लिए मंच पर आकर दर्शकों का अभिवादन किया, लेकिन भीड़ की स्थिति बेकाबू होने के कारण उन्हें तुरंत बाहर ले जाना पड़ा। हालात बिगड़ते देख आयोजकों और सुरक्षा एजेंसियों को कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा।

फुटबॉल के गढ़ माने जाने वाले कोलकाता में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह था। लोग घंटों पहले स्टेडियम पहुंच चुके थे। कई दर्शक अपने बच्चों के साथ आए थे तो कई दूर-दराज के इलाकों से भारी खर्च कर टिकट लेकर पहुंचे थे। टिकटों की कीमत ₹4,500 से ₹10,000 तक थी, लेकिन उम्मीदों के अनुरूप अनुभव नहीं मिल सका।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही मेसी सुरंग से बाहर आए, भीड़ नियंत्रण पूरी तरह विफल हो गया। दर्शक उन्हें देखने के लिए आगे बढ़ने लगे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी कारण कार्यक्रम में शामिल होने वाले कई विशिष्ट अतिथि—जिनमें अभिनेता शाहरुख खान, पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल थे—निर्धारित भूमिका नहीं निभा सके।

कई दर्शकों का कहना था कि उन्हें मेसी की झलक तक नहीं मिल सकी। मेसी चारों ओर आयोजकों, नेताओं, सुरक्षा कर्मियों और कैमरा टीम से घिरे रहे, जिससे आम दर्शक खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगे। इसी नाराज़गी ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।

हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने मेसी को तत्काल स्टेडियम से बाहर निकालने का निर्णय लिया। इसके बाद कुछ आक्रोशित दर्शकों ने कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया और बोतलें फेंकी। पुलिस को भीड़ को शांत करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दर्शकों ने आयोजन में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी सवाल उठाए। पानी की व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे। कई लोगों ने कहा कि प्रशंसकों की बजाय वीआईपी व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई।

जिस दिन को भारतीय फुटबॉल के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होना था, वही दिन अव्यवस्था और कुप्रबंधन की कहानी बनकर रह गया।


By Hasrat

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