सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
समस्तीपुर–बरौनी रेलखंड पर हाल ही में लागू की गई ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। व्यवस्था में खामियों के चलते ट्रेनों की रफ्तार थम गई है और यात्रियों को घंटों तक रास्ते में फंसे रहना पड़ रहा है। गुरुवार को कटिहार जा रही एक पैसेंजर ट्रेन को महज नौ किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब ढाई घंटे लग गए, जिससे यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।
समस्तीपुर–कटिहार पैसेंजर ट्रेन (63308) दोपहर 12:55 बजे समस्तीपुर से रवाना हुई थी और उसे 1:05 बजे उजियारपुर पहुंचना था। लेकिन ट्रेन को रास्ते में बार-बार रोका गया। छह ऑटोमैटिक सिग्नलों पर रुकने के बाद यह ट्रेन आखिरकार 3:38 बजे उजियारपुर स्टेशन पहुंच सकी। इस दौरान यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
लगातार देरी से नाराज यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर बाहरी सिग्नल के पास विरोध प्रदर्शन किया। यात्रियों का आरोप है कि संचालन में सुधार के लिए शुरू की गई ऑटोमैटिक सिग्नलिंग व्यवस्था अब रोज़ाना की परेशानी बन चुकी है। बिना सही तालमेल के एक के बाद एक ट्रेनें रोक दी जाती हैं, जिससे कई ट्रेनें सिग्नलों के बीच फंस जाती हैं और यात्रियों को कोई स्पष्ट जानकारी तक नहीं दी जाती।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ यात्रियों की लोको पायलट से बहस हो गई। लोको पायलट ने समस्तीपुर और सोनपुर कंट्रोल रूम से संपर्क किया, जहां से बताया गया कि आगे लाइन व्यस्त है और उजियारपुर स्टेशन खाली नहीं है। इसी तरह की अव्यवस्था नई दिल्ली–बरौनी स्पेशल ट्रेन (02564) में भी देखने को मिली, जहां यात्रियों ने ट्रेन कर्मियों के प्रति नाराजगी जताई।
यात्रियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई या एक दिन की नहीं है। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग लागू होने के बाद से अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनें घंटों तक खड़ी रहती हैं। गुरुवार को ही इस रेलखंड पर तीन मालगाड़ियों समेत कुल छह ट्रेनें फंसी रहीं, जिनमें कटिहार पैसेंजर, नई दिल्ली–बरौनी क्लोन एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस भी शामिल थीं।
बार-बार हो रही देरी ने रेलवे की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का आरोप है कि ट्रैफिक प्रबंधन में कमी, कंट्रोल रूम के बीच समन्वय का अभाव और समय पर सूचना न मिलने के कारण यह व्यवस्था सुविधा की बजाय बड़ी बाधा बन गई है।
इस संबंध में समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि संबंधित रेलखंड सोनपुर मंडल के अंतर्गत आता है और समस्या को दूर करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अप लाइन की दिक्कतों को सुलझा लिया गया है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि ज़मीनी हालात अब भी नहीं बदले हैं और देरी का सिलसिला जारी है।
