सारस न्यूज़, सिलीगुड़ी।
भारत–नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की 41वीं वाहिनी की सी कंपनी, पानीटंकी के जवानों ने वन्यजीवों के अंश के साथ नेपाल के दो नागरिकों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान डिक बहादुर डारनाल (35) एवं कर्ण बहादुर विश्वकर्मा (39) के रूप में हुई है। दोनों आरोपित पड़ोसी देश नेपाल के निवासी बताए जा रहे हैं।
एसएसबी के जवानों ने आरोपितों के पास से खोपड़ी के साथ हिरण के सींग तीन, खोपड़ी के साथ गोरल का एक सींग, हिरण का एक सींग, सांप के तीन कंकाल, खोपड़ी के साथ ग्रेट हार्नबिल पक्षी की चार चोंच तथा जंगली सूअर का एक दांत जब्त किया है।
एसएसबी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पानीटंकी न्यू ब्रिज पर नियमित जांच एवं तलाशी अभियान चलाया जा रहा था, ताकि नेपाल एवं भारत आने-जाने वाले यात्रियों और उनके सामान की जांच की जा सके। इसी दौरान गुरुवार देर रात नेपाल से सिलीगुड़ी की ओर आ रही एक टैक्सी चेकपोस्ट पर पहुंची।
एक्स-रे स्कैनर से सामान की नियमित जांच के दौरान टैक्सी में सवार दो यात्रियों को अपने बैग स्कैनिंग के लिए रखते समय संदिग्ध व्यवहार करते हुए देखा गया। एक्स-रे जांच करने पर उनके यात्रा बैग के अंदर संदिग्ध जानवरों की हड्डियां पाई गईं। इसके बाद दोनों व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने बताया कि जब्त की गई वस्तुएं मृत जंगली जानवरों के अवशेष हैं, जिन्हें कथित रूप से मरने के बाद एकत्र किया गया था और उनका उपयोग जादू-टोना में किया जाना था। उनसे नेपाल वन विभाग द्वारा जारी वैध परमिट, ट्रांजिट पास अथवा प्राधिकरण पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वे कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
इसके बाद एसएसबी ने वन्यजीवों के अंश को जब्त करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, जब्त किए गए वन्यजीवों के अंश के साथ दोनों आरोपितों को आगे की कार्रवाई हेतु टुकड़िया झाड़ वन विभाग को सौंप दिया गया।
