सारस न्यूज, किशनगंज।
पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, किशनगंज द्वारा 08 जनवरी को प्रखंड पोठिया अंतर्गत पुरानी कटहलडांगी, कोलथा में पशु कल्याण-सह-बाँझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन निदेशालय प्रसार शिक्षा, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के निर्देशानुसार तथा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. चंद्रहास के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर के आयोजक डॉ. अभिषेक कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों द्वारा पशुओं में होने वाली बाँझपन की समस्या और उसके प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर डॉ. राजू देवरी ने बताया कि पशुओं में बाँझपन का प्रमुख कारण खनिज मिश्रण की कमी एवं सही समय पर कृत्रिम गर्भाधान नहीं होना है, जिससे पशु गर्भधारण नहीं कर पाते और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
शिविर में विशेषज्ञों ने पशुओं में बाँझपन की समस्या के समाधान, सांडों की प्रजनन क्षमता में सुधार, पशुओं में गर्मी (हीट) के लक्षणों की पहचान, बार-बार गर्भपात की समस्या, डिवर्मिंग तथा सामान्य बीमारियों से संबंधित परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया।
डॉ. अभिषेक कुमार ने बताया कि इस पशु कल्याण-सह-बाँझपन निवारण शिविर में 89 पशुपालकों के कुल 242 छोटे-बड़े पशुओं का परीक्षण कर परामर्श एवं उपचार किया गया। साथ ही निदान से संबंधित दवाइयों, खनिज मिश्रण एवं कृमिनाशक दवाओं का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
शिविर में पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और द्वार पर आकर समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयासों को सराहते हुए वैज्ञानिकों एवं पशुचिकित्सा महाविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
