सारस न्यूज़, सिलीगुड़ी।
- रुकने का संकेत देने पर एसएसबी वाहन को मारी टक्कर, दो जवान घायल, वाहन क्षतिग्रस्त
- बावजूद इसके जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपितों को पकड़कर नक्सलबाड़ी थाना को सौंपा
सिलीगुड़ी: भारत–नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 41वीं वाहिनी की सी कंपनी, पानीटंकी के जवानों ने रविवार को 19 भैंस जब्त की हैं। इस मामले में एसएसबी ने तीन आरोपितों को हिरासत में लिया है। आरोपितों के नाम नुजरूल इस्लाम (24), मोहम्मद मनोजजम (28) और बिमन घोष (26) हैं।
चालक नुजरूल इस्लाम असम राज्य के कोकराझार जिले के गोसाईगांव थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है, जबकि सह चालक मोहम्मद मनोजजम और बिमन घोष नक्सलबाड़ी थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
एसएसबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एएस-01-टीसी-4742 आयचर वाहन को नक्सलबाड़ी के हाथीघीसा स्थित टोल प्लाजा के पास रुकने का संकेत दिया गया। लेकिन वाहन चालक ने भागने के प्रयास में टोल गेट तोड़ दिया। पीछा किए जाने के दौरान ऑन-ड्यूटी कर्मियों को मारने के प्रयास में जानबूझकर एसएसबी वाहन को टक्कर मार दी गई, जिससे एक गंभीर दुर्घटना हुई।

इस दुर्घटना में दो एसएसबी कांस्टेबलों को गंभीर चोटें आईं और एसएसबी वाहन को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बावजूद एसएसबी जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए नक्सलबाड़ी पुलिस की मदद से वाहन का पता लगाया और उसे रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 19 भैंसें बरामद की गईं।
मौके पर चालक और सहायक को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने वैध दस्तावेजों के बिना मवेशियों को अवैध रूप से ले जाने और मवेशी मालिक के निर्देश पर एसएसबी कर्मियों पर हमला करने की बात स्वीकार की। इसके बाद भागने का प्रयास कर रहे मुख्य आरोपित बिमन घोष को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपित बिमन घोष ने नक्सलबाड़ी से असम तक मवेशियों के अवैध परिवहन का आयोजन करने और एसएसबी कर्मियों को मारने के इरादे से चालक को वाहन टक्कर मारने का निर्देश देने की बात स्वीकार की। उसने मवेशी तस्करी रैकेट में शामिल अन्य सहयोगियों के नाम भी बताए।
इसके बाद एसएसबी जवानों ने 19 भैंसों को जब्त करते हुए तीनों आरोपितों को हिरासत में लिया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जब्त भैंसों और तीनों आरोपितों को नक्सलबाड़ी थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। सोमवार को तीनों आरोपितों को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया जाएगा।
