सारस न्यूज, वेब डेस्क।
🗓 संवत् एवं काल
- विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत: 1947
- मास: माघ मास, कृष्ण पक्ष
- दिन: बुधवार
- ऋतु: शिशिर ऋतु
🌙 तिथि (Tithi)
- कृष्ण पक्ष एकादशी – सुबह से शाम 05:53 बजे तक
- कृष्ण पक्ष द्वादशी – शाम 05:53 बजे के बाद शुरू और अगले दिन तक जारी
👉 अर्थात् दिन में एकादशी तिथि है, फिर शाम को द्वादशी प्रारंभ होगा।
🌟 नक्षत्र (Nakshatra)
- अनुराधा नक्षत्र: रात 12:06 बजे से सुबह तक
- इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ
☀️ ग्रह एवं राशि
- चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा
- सूर्य उत्तरायण में प्रवेश कर रहा है (मकर संक्रांति)
🕘 योग और करण
- गण्ड योग सुबह तक
- वृद्धि योग शाम तक जारी
- करण: बालव (दिन का अधिक भाग), बाद में तैतिल
⏱ शुभ और अशुभ समय
🕛 राहु काल (अशुभ)
- सुबह / दोपहर तक — लगभग 12:30 से 01:30 बजे तक (स्थानानुसार थोड़ा अलग हो सकता है)
🕉 शुभ मुहूर्त
- विजय मुहूर्त: दोपहर लगभग 02:15 बजे से 02:57 बजे तक
🌞 सूर्योदय-सूर्यास्त (अनुमानित)
- सूर्योदय: सुबह सृज-ish (स्थान के अनुसार बदल सकता है)
- सूर्यास्त: संध्या में लगभग 05:45–06:00 बजे के आसपास
📿 पर्व, व्रत व पूजा
✨ मुख्य
- मकर संक्रांति – आज सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण आरंभ
- षट्तिला एकादशी (Shattila Ekadashi) – आज की तिथि के कारण यह शुभ व्रत भी है
📌 कई ज्योतिषियों के अनुसार मकर संक्रांति का स्नान-दान पुण्य कल (शुभ समय) अगले दिन यानी 15 जनवरी को भी मान्य माना जाता है क्योंकि संक्रांति की घटना देर रात/शाम को हो सकती है।
📌 पंचांग सारांश (तुरंत दृष्टि)
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी → द्वादशी |
| नक्षत्र | अनुराधा |
| योग | गण्ड → वृद्धि |
| करण | बालव → तैतिल |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
| राहु काल | ~12:30–13:30 |
| शुभ मुहूर्त | विजय मुहूर्त ~14:15–14:57 |
| त्योहार | मकर संक्रांति, शट्तिला एकादशी |
