सारस न्यूज, वेब डेस्क।
📍 दिन (वार): बुधवार
📆 तिथि:
• माघ कृष्ण पंचमी – आज सुबह 06:33 बजे तक (फिर षष्ठी प्रारंभ)
📜 संवत / पंचांग संवत्सर
• विक्रम संवत: 2082
• शक संवत: 1947
• हिजरी सन्: 1447 (रज्जब 17)
📍 मास
• पौष (अमावंत) / माघ (पूर्णिमांत)
📍 ऋतु: शिशिर (ठंड का मौसम)
📍 आयन: उत्तरायण
🌞 सूर्य-चंद्र स्थिति
☀️ सूर्य राशि: धनु
🌙 चंद्रमा राशि:
• प्रातः ~12:17 तक कर्क
• उसके बाद सिंह
🌟 नक्षत्र, योग और करण
🌌 नक्षत्र:
• मघा – सुबह 11:56 तक
• पूर्वा फाल्गुनी – सुबह 11:56 के बाद
🔆 योग:
• आयुष्मान योग – शाम 06:33 तक
• सौभाग्य योग – उसके बाद
🔔 करण:
• कौलव करण – शाम 06:36 तक
• तैतुला करण – बाद में
⏰ सूर्योदय-सूर्यास्त व समय
🌅 सूर्योदय: लगभग 06:40 – 06:45 बजे
🌇 सूर्यास्त: लगभग 05:24 – 05:37 बजे
⏱️ राहु काल, शुभ मुहूर्त और विशेष समय
🕛 राहु काल
• लगभग 12:27 PM – 01:46 PM (स्थानीय समय के अनुसार थोड़ा परिवर्तन)
🌼 अभिजीत मुहूर्त (शुभ समय)
• लगभग 12:15 PM – 01:00 PM
📌 विजय मुहूर्त (लाभदायक संयोजन)
• लगभग 2:12 PM – 2:53 PM
👉 ध्यान: राहु काल और शुभ मुहूर्त समय क्षेत्रों/शहर के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं — पंचांग स्रोत पर आधारित लगभग अनुमानित समय।
🔱 ग्रह स्थिति (सूर्योदय के आस-पास)
(सामान्य ज्योतिष दृष्टि से)
• सूर्य — धनु
• चंद्रमा — सिंह
• मंगल — धनु
• बुध — धनु
• गुरु — मिथुन
• शुक्र — धनु
• शनि — मीन
• राहु — कुंभ
• केतु — सिंह
☀️ पंचांग के अनुसार शुभ/अशुभ संकेत
👍 शुभ
✔️ मंगल सुबह के समय पंचमी तिथि में भक्तिपूर्ण कार्य, पूजा, हवन-पूजन के लिए अनुकूल
✔️ आयुष्मान और सौभाग्य योग धन-भाग्य व सामान्य शुभ कार्यों के लिए लाभदायक
✔️ अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त अनुकूल अवधि
⚠️ अशुभ / सावधानी
⚫ राहु काल में शुभ कार्य को टालना बेहतर
⚫ चंद्रमा सिंह में होने से भावनात्मक निर्णयों में संतुलन आवश्यक।
📌 सारांश — पंचांग की मुख्य बातें
| घटक | विवरण |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पंचमी (प्रातः 06:33) |
| नक्षत्र | मघा ➝ पूर्वा फाल्गुनी |
| योग | आयुष्मान ➝ सौभाग्य |
| करण | कौलव ➝ तैतुला |
| चंद्र राशि | कर्क ➝ सिंह |
| राहु काल | 12:27 PM – 01:46 PM |
| शुभ मुहूर्त | 12:15 PM – 01:00 PM |
| विशेष मुहूर्त | विजय मुहूर्त ~ 2:12 PM – 2:53 PM |
