सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
तिथि: फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी तिथि (दोपहर बाद तक), तत्पश्चात पंचमी आरंभ
वार: शनिवार
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
अयन: उत्तरायण
ऋतु: शिशिर ऋतु
मास (अमांत): फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत): माघ
नक्षत्र: रेवती (प्रातः तक), उसके बाद अश्विनी नक्षत्र आरंभ
योग: शुभ योग
करण: वणिज करण, बाद में विष्टि करण
सूर्योदय: प्रातः 06:45 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:05 बजे
चंद्रोदय: प्रातः 09:20 बजे (लगभग)
चंद्रास्त: रात्रि 10:15 बजे (लगभग)
राहुकाल: प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
यमगंड काल: दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 06:45 बजे से 08:15 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:55 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 07:40 बजे से 09:05 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:15 बजे से 03:00 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:55 बजे से 06:20 बजे तक
दिशा शूल: पूर्व दिशा
दिशा शूल उपाय: यात्रा से पहले दही या अदरक का सेवन करें
आज का विशेष महत्व:
चतुर्थी तिथि होने से गणेश जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। विघ्न बाधाओं को दूर करने के लिए “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप शुभ रहेगा।
आज का शुभ कार्य सुझाव:
गृह प्रवेश, वाहन पूजन, व्यापार आरंभ, शिक्षा संबंधित कार्यों के लिए दिन मध्यम से शुभ है (राहुकाल से बचें)।
