वार: शनिवार पक्ष: कृष्ण पक्ष तिथि: द्वितीया प्रातः 10:08/10:09 बजे तक, उसके बाद तृतीया प्रारंभ नक्षत्र: स्वाती रात्रि 9:35 बजे तक, उसके बाद विशाखा योग: सिद्धि योग करण: वणिज (इसके बाद अगला करण) चंद्र राशि: तुला राशि विक्रम संवत: 2083 शक संवत: 1948 (चल) मास: वैशाख मास (कई पंचांग परंपराओं में क्षेत्रानुसार नाम/गणना में थोड़ा अंतर संभव)
🌅 सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: लगभग 06:20–06:30 बजे सूर्यास्त: लगभग 06:45–06:53 बजे चंद्रोदय: लगभग 08:50–08:59 रात्रि चंद्रास्त: लगभग 07:30 बजे प्रातः
नोट: बिहार/पूर्वी भारत में समय पश्चिम भारत की तुलना में थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए 5–10 मिनट का अंतर सामान्य है।
✅ आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: लगभग 04:50 AM – 05:38 AM अभिजीत मुहूर्त: लगभग 12:13 PM – 01:01 PM विजय मुहूर्त: लगभग 02:30 PM – 03:17 PM अमृत समान समय (आध्यात्मिक कार्य हेतु): संध्या और रात्रि में स्वाती नक्षत्र के दौरान जप-ध्यान उपयोगी माना जा सकता है।
⛔ आज के अशुभ समय
राहुकाल: 09:32 AM – 11:04 AM के आसपास इस समय नया काम, यात्रा, खरीदारी, सौदा, शुभ शुरुआत टालना बेहतर माना जाता है।
गुलिक काल: 06:26 AM – 07:59 AM के आसपास
यमगण्ड: शनिवार के अनुसार पूर्वाह्न/दोपहर के बीच अशुभ समय माना जाता है; शहरानुसार थोड़े बदलाव संभव हैं।
🌟 आज के योग और उनका महत्व
सिद्धि योग
आज का सिद्धि योग कार्य-सिद्धि, योजना, आध्यात्मिक अभ्यास, अध्ययन, मंत्र-जप और सोच-समझकर शुरू किए गए कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। यदि आप कोई रुका हुआ काम, प्रार्थना, संकल्प, दस्तावेज़ी काम या व्यक्तिगत निर्णय लेना चाहते हैं, तो आज का दिन सहायक हो सकता है।
🌙 आज का नक्षत्र: स्वाती
स्वाती नक्षत्र के देवता वायु देव माने जाते हैं। यह नक्षत्र सामान्यतः इन गुणों से जुड़ा माना जाता है:
स्वतंत्र सोच
नई शुरुआत
व्यापारिक समझ
संचार क्षमता
बुद्धिमत्ता और लचीलापन
स्वाती नक्षत्र में क्या करें?
पढ़ाई, लेखन, संचार, व्यापारिक योजना
पूजा-पाठ, मंत्र-जप
नए विचारों पर काम
घर/कार्यालय की व्यवस्था सुधारना
क्या टालें?
आवेश में निर्णय
रिश्तों में अहंकार
जल्दबाजी में आर्थिक फैसला
🛕 आज पूजा-पाठ के लिए क्या करें?
आज शनिवार होने के कारण विशेष रूप से:
शनिदेव के लिए
पीपल के नीचे दीपक जलाएं
काले तिल, सरसों का तेल अर्पित करें
“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें
जरूरतमंद को दान दें
सामान्य शुभ उपाय
सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल दें
हनुमान जी का स्मरण करें
तुलसी को जल अर्पित करें
घर में शांत वातावरण रखें
🚩 आज की दिशा शूल
शनिवार को दिशा शूल सामान्यतः पूर्व दिशा की ओर माना जाता है। यदि अत्यावश्यक यात्रा करनी हो, तो थोड़ा अदरक, उड़द, या तिल का सेवन/दान शुभ माना जाता है (लोक मान्यता अनुसार)।
नोट: दिशा शूल की परंपरा अलग-अलग पंचांगों में थोड़े भेद के साथ मिलती है, इसलिए इसे श्रद्धा-आधारित मार्गदर्शन मानें।
💼 आज किन कामों के लिए दिन अच्छा है?
आज करें:
पूजा, जप, ध्यान
लंबित कार्य निपटाना
पढ़ाई, लेखन, परीक्षा तैयारी
वित्तीय समीक्षा
पारिवारिक बातचीत
दस्तावेज़/कागज़ी कार्य
आज टालें:
राहुकाल में नया काम
बिना सोचे निवेश
विवाद/बहस
जल्दबाजी में यात्रा या निर्णय
🔮 आज का संक्षिप्त फल
आज का दिन धैर्य, योजना, पूजा और संयम का है। द्वितीया से तृतीया का परिवर्तन और स्वाती नक्षत्र मिलकर यह संकेत देते हैं कि आज सोच-समझकर उठाया गया कदम आगे लाभ दे सकता है। शनिवार होने के कारण कर्म, अनुशासन और धैर्य आज के मुख्य विषय रहेंगे।
सारस न्यूज, वेब डेस्क।
वार: शनिवार पक्ष: कृष्ण पक्ष तिथि: द्वितीया प्रातः 10:08/10:09 बजे तक, उसके बाद तृतीया प्रारंभ नक्षत्र: स्वाती रात्रि 9:35 बजे तक, उसके बाद विशाखा योग: सिद्धि योग करण: वणिज (इसके बाद अगला करण) चंद्र राशि: तुला राशि विक्रम संवत: 2083 शक संवत: 1948 (चल) मास: वैशाख मास (कई पंचांग परंपराओं में क्षेत्रानुसार नाम/गणना में थोड़ा अंतर संभव)
🌅 सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: लगभग 06:20–06:30 बजे सूर्यास्त: लगभग 06:45–06:53 बजे चंद्रोदय: लगभग 08:50–08:59 रात्रि चंद्रास्त: लगभग 07:30 बजे प्रातः
नोट: बिहार/पूर्वी भारत में समय पश्चिम भारत की तुलना में थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए 5–10 मिनट का अंतर सामान्य है।
✅ आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: लगभग 04:50 AM – 05:38 AM अभिजीत मुहूर्त: लगभग 12:13 PM – 01:01 PM विजय मुहूर्त: लगभग 02:30 PM – 03:17 PM अमृत समान समय (आध्यात्मिक कार्य हेतु): संध्या और रात्रि में स्वाती नक्षत्र के दौरान जप-ध्यान उपयोगी माना जा सकता है।
⛔ आज के अशुभ समय
राहुकाल: 09:32 AM – 11:04 AM के आसपास इस समय नया काम, यात्रा, खरीदारी, सौदा, शुभ शुरुआत टालना बेहतर माना जाता है।
गुलिक काल: 06:26 AM – 07:59 AM के आसपास
यमगण्ड: शनिवार के अनुसार पूर्वाह्न/दोपहर के बीच अशुभ समय माना जाता है; शहरानुसार थोड़े बदलाव संभव हैं।
🌟 आज के योग और उनका महत्व
सिद्धि योग
आज का सिद्धि योग कार्य-सिद्धि, योजना, आध्यात्मिक अभ्यास, अध्ययन, मंत्र-जप और सोच-समझकर शुरू किए गए कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। यदि आप कोई रुका हुआ काम, प्रार्थना, संकल्प, दस्तावेज़ी काम या व्यक्तिगत निर्णय लेना चाहते हैं, तो आज का दिन सहायक हो सकता है।
🌙 आज का नक्षत्र: स्वाती
स्वाती नक्षत्र के देवता वायु देव माने जाते हैं। यह नक्षत्र सामान्यतः इन गुणों से जुड़ा माना जाता है:
स्वतंत्र सोच
नई शुरुआत
व्यापारिक समझ
संचार क्षमता
बुद्धिमत्ता और लचीलापन
स्वाती नक्षत्र में क्या करें?
पढ़ाई, लेखन, संचार, व्यापारिक योजना
पूजा-पाठ, मंत्र-जप
नए विचारों पर काम
घर/कार्यालय की व्यवस्था सुधारना
क्या टालें?
आवेश में निर्णय
रिश्तों में अहंकार
जल्दबाजी में आर्थिक फैसला
🛕 आज पूजा-पाठ के लिए क्या करें?
आज शनिवार होने के कारण विशेष रूप से:
शनिदेव के लिए
पीपल के नीचे दीपक जलाएं
काले तिल, सरसों का तेल अर्पित करें
“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें
जरूरतमंद को दान दें
सामान्य शुभ उपाय
सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल दें
हनुमान जी का स्मरण करें
तुलसी को जल अर्पित करें
घर में शांत वातावरण रखें
🚩 आज की दिशा शूल
शनिवार को दिशा शूल सामान्यतः पूर्व दिशा की ओर माना जाता है। यदि अत्यावश्यक यात्रा करनी हो, तो थोड़ा अदरक, उड़द, या तिल का सेवन/दान शुभ माना जाता है (लोक मान्यता अनुसार)।
नोट: दिशा शूल की परंपरा अलग-अलग पंचांगों में थोड़े भेद के साथ मिलती है, इसलिए इसे श्रद्धा-आधारित मार्गदर्शन मानें।
💼 आज किन कामों के लिए दिन अच्छा है?
आज करें:
पूजा, जप, ध्यान
लंबित कार्य निपटाना
पढ़ाई, लेखन, परीक्षा तैयारी
वित्तीय समीक्षा
पारिवारिक बातचीत
दस्तावेज़/कागज़ी कार्य
आज टालें:
राहुकाल में नया काम
बिना सोचे निवेश
विवाद/बहस
जल्दबाजी में यात्रा या निर्णय
🔮 आज का संक्षिप्त फल
आज का दिन धैर्य, योजना, पूजा और संयम का है। द्वितीया से तृतीया का परिवर्तन और स्वाती नक्षत्र मिलकर यह संकेत देते हैं कि आज सोच-समझकर उठाया गया कदम आगे लाभ दे सकता है। शनिवार होने के कारण कर्म, अनुशासन और धैर्य आज के मुख्य विषय रहेंगे।