प्रतिनिधि, सारस न्यूज़, अररिया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर, मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी शशिभूषण सुमन ने भरगामा प्रखंड के तीन आवासीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अब्बास पब्लिक स्कूल वीर नगर, महर्षि मेंही आवासीय विद्यालय हरिनंदन नगर रघुनाथपुर और ज्ञान सरोवर पब्लिक स्कूल आदि रामपुर की जांच की गई। निरीक्षण की सूचना मिलते ही विद्यालयों के प्रबंधन में हड़कंप मच गया, हालांकि, अब्बास पब्लिक स्कूल के बारे में पता चला कि यह एक साल पहले ही बंद हो चुका है।
महर्षि मेंही आवासीय विद्यालय के प्राचार्य निजी कार्य से अररिया गए हुए थे, जिसके कारण इस विद्यालय की जांच नहीं हो सकी। वहीं, ज्ञान सरोवर पब्लिक स्कूल का विस्तृत निरीक्षण किया गया, जिसमें विद्यार्थियों के नामांकन रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबरों का सत्यापन भी किया गया। बीडीओ शशिभूषण सुमन ने बताया कि इस जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
बीडीओ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में 25% सीटों को आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को ट्यूशन फीस, पोशाक और पाठ्य पुस्तक की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा दी जाती है। इस राशि का लाभ पाने के लिए ज्ञानदीप पोर्टल पर छात्रों की जानकारी दर्ज करनी होती है, और यह राशि केवल उन्हीं विद्यालयों को मिलती है जो आरटीई के तहत नामांकित बच्चों से फीस नहीं लेते और उन्हें निःशुल्क पुस्तकें और पोशाक उपलब्ध कराते हैं।
निर्धारित निरीक्षण में विद्यालयों से जुड़े दस्तावेजों, नामांकन रजिस्टर और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जांच की गई। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी विद्यालय में गड़बड़ी पाई जाती है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बीडीओ के औचक निरीक्षण से विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के बीच हलचल तेज हो गई। कई विद्यालयों में अभिलेखों को व्यवस्थित करने की कोशिश की गई, जबकि कुछ विद्यालयों के प्रशासन ने जांच अधिकारियों से स्पष्टिकरण भी मांगा। बीडीओ के इस निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का पालन सही तरीके से हो और कमजोर वर्ग के छात्रों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले। जांच पूरी होने के बाद शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
