ग्रामीण विकास को अधिकार बनाने वाला कानून, 2047 के विकसित भारत की मजबूत नींव
अररिया जिला अतिथि गृह में एनडीए गठबंधन की ओर से विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के अररिया सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह ने इस अधिनियम को ग्रामीण भारत के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह कानून दशकों की उपेक्षा का अंत करने वाला निर्णायक कदम है।
सांसद ने कहा कि VB–G RAM G अधिनियम 2025 ने ग्रामीण रोजगार को पहली बार कानूनी सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने गांवों को केवल चुनावी गणित तक सीमित रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को राष्ट्र निर्माण की धुरी बनाया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 100 नहीं बल्कि 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है, जिससे मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा और आजीविका दोनों सुदृढ़ होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, योजनाबद्ध विकास और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण को कानून के दायरे में लाकर यह संदेश दिया गया है कि अब गांवों का विकास कृपा नहीं बल्कि अधिकार होगा।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कानून उन दलों के लिए असहज है जिन्होंने वर्षों तक ग्रामीण बेरोजगारी और पलायन को नजरअंदाज किया। मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर गांवों की ऐसी आधारशिला रख दी है, जिसे कोई राजनीतिक स्वार्थ कमजोर नहीं कर सकता। यह अधिनियम 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
सांसद ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि योजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखती है। ग्रामीण युवाओं को अवसर, किसानों को सम्मान और आम नागरिक को भागीदारी देना ही इस कानून की आत्मा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें और विकसित, सशक्त व आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
प्रेस वार्ता में नरपतगंज विधायक देवेंती यादव ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए यह अधिनियम लाया गया है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि गांवों की आधारभूत संरचना को भी मजबूती मिलेगी।
वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि गांवों के आधुनिकीकरण और समग्र विकास के लिए यह अधिनियम अत्यंत आवश्यक था। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से देश के हर गांव को विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ा जाएगा। बेहतर स्टाफिंग, प्रशिक्षण, पारिश्रमिक और तकनीकी दक्षता के प्रावधानों से जवाबदेही बढ़ेगी और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
प्रेस वार्ता में एनडीए सहयोगी दलों ने भी अधिनियम को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इस अवसर पर जदयू जिला अध्यक्ष आशीष पटेल, रालोसपा जिला अध्यक्ष विभाष चंद्र मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता राजा मिश्रा, जुबेर आलम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सारस न्यूज़, अररिया।
ग्रामीण विकास को अधिकार बनाने वाला कानून, 2047 के विकसित भारत की मजबूत नींव
अररिया जिला अतिथि गृह में एनडीए गठबंधन की ओर से विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के अररिया सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह ने इस अधिनियम को ग्रामीण भारत के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह कानून दशकों की उपेक्षा का अंत करने वाला निर्णायक कदम है।
सांसद ने कहा कि VB–G RAM G अधिनियम 2025 ने ग्रामीण रोजगार को पहली बार कानूनी सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने गांवों को केवल चुनावी गणित तक सीमित रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को राष्ट्र निर्माण की धुरी बनाया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 100 नहीं बल्कि 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है, जिससे मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा और आजीविका दोनों सुदृढ़ होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, योजनाबद्ध विकास और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण को कानून के दायरे में लाकर यह संदेश दिया गया है कि अब गांवों का विकास कृपा नहीं बल्कि अधिकार होगा।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कानून उन दलों के लिए असहज है जिन्होंने वर्षों तक ग्रामीण बेरोजगारी और पलायन को नजरअंदाज किया। मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर गांवों की ऐसी आधारशिला रख दी है, जिसे कोई राजनीतिक स्वार्थ कमजोर नहीं कर सकता। यह अधिनियम 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
सांसद ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि योजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखती है। ग्रामीण युवाओं को अवसर, किसानों को सम्मान और आम नागरिक को भागीदारी देना ही इस कानून की आत्मा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें और विकसित, सशक्त व आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
प्रेस वार्ता में नरपतगंज विधायक देवेंती यादव ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए यह अधिनियम लाया गया है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि गांवों की आधारभूत संरचना को भी मजबूती मिलेगी।
वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि गांवों के आधुनिकीकरण और समग्र विकास के लिए यह अधिनियम अत्यंत आवश्यक था। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से देश के हर गांव को विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ा जाएगा। बेहतर स्टाफिंग, प्रशिक्षण, पारिश्रमिक और तकनीकी दक्षता के प्रावधानों से जवाबदेही बढ़ेगी और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
प्रेस वार्ता में एनडीए सहयोगी दलों ने भी अधिनियम को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इस अवसर पर जदयू जिला अध्यक्ष आशीष पटेल, रालोसपा जिला अध्यक्ष विभाष चंद्र मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता राजा मिश्रा, जुबेर आलम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।