सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
पहली चुनौती है लैंडर की रफ्तार को नियंत्रित रखना। पिछली बार अधिक रफ्तार की वजह से लैंडर क्रैश कर गया था।
इसके अलावा लैंडर चंद्रयान-3 के लिए दूसरी चुनौती यह है कि लैंडर उतरते समय सीधा रहे।
वहीं लैंडर के लिए तीसरी चुनौती है कि उसे उसी जगह पर उतारना, जो इसरो ने चुन रखी है। पिछली बार ऊबड़-खाबड़ जगह से टकराने की वजह से चंद्रयान-2 क्रैश कर गया था।
