सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रहे लगातार हिमपात और हल्की बारिश का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य में पछुआ हवाओं और घने कोहरे की वजह से लोग हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना कर रहे हैं।बिहार के कई जिलों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सबसे कम दृश्यता वाल्मीकि नगर में दर्ज की गई, जहां विजिबिलिटी महज 40 मीटर तक सिमट गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद दो से तीन दिनों तक तापमान में फिर गिरावट आने की संभावना है। अनुमान है कि रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है।मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार के 25 जिलों में शीत दिवस और 12 जिलों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे राज्य में शीतलहर जैसे हालात बन गए। इस सीजन में पहली बार छपरा शीतलहर की चपेट में आया, जबकि बक्सर और मुंगेर में भीषण शीत दिवस की स्थिति बनी रही। पटना, फारबिसगंज, सहरसा, दरभंगा और अरवल में भी शीत दिवस दर्ज किया गया।राज्य में अधिकतम तापमान 13.0 से 19.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 5.0 से 9.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। बिहार का सबसे कम तापमान भागलपुर के सबौर में 5.0 डिग्री सेल्सियस और सबसे अधिक तापमान सीवान के जीरादेई में 19.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।राजधानी पटना भी इस सर्दी के मौसम में पहली बार शीत दिवस की चपेट में रही। सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जिसके कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी नजर आई। शनिवार को भी पटना में सुबह कोहरे के बने रहने की संभावना है, हालांकि तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई गई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 15 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।शुक्रवार को दोपहर बाद करीब एक से डेढ़ घंटे के लिए धूप जरूर निकली, लेकिन इसके बावजूद लोगों को कंपकंपी वाली ठंड से कोई खास राहत नहीं मिली। पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं।
