सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
बिहार कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी Sanjeev Hans के खिलाफ Central Bureau of Investigation ने एक और एफआईआर दर्ज की है। नए मामले में उन पर आरोप है कि उन्होंने एक बिल्डर को लाभ पहुंचाने के बदले करीब एक करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस मामले में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है और एजेंसी ने वित्तीय लेनदेन की गहन जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, रिश्वत की रकम सीधे तौर पर नहीं बल्कि हवाला नेटवर्क के जरिए ट्रांसफर किए जाने की आशंका है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पैसों के लेनदेन को छिपाने के लिए कई स्तरों पर वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर CBI अब संबंधित बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
एफआईआर में जिन आठ लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, उनमें कुछ कारोबारी और बिचौलिये भी बताए जा रहे हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत किस परियोजना या निर्माण कार्य से जुड़ी थी और सरकारी स्तर पर किस प्रकार का लाभ दिलाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला पहले से चल रही जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के बाद दर्ज किया गया है। CBI अब हवाला कनेक्शन और धन के अंतिम उपयोग तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला बिहार प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा भ्रष्टाचार प्रकरण माना जाएगा। फिलहाल एजेंसी सभी आरोपियों से जुड़े दस्तावेज एकत्र कर रही है और आगे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
