सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक फीस कटौती
बिहार सरकार ने तकनीकी शिक्षा को आम छात्रों की पहुंच में लाने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब छात्रों को मात्र 10 रुपये प्रतिमाह और पॉलिटेक्निक संस्थानों में केवल 5 रुपये प्रतिमाह शुल्क देना होगा। इस कदम को उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार का मानना है कि आर्थिक बाधाओं के कारण कोई भी मेधावी छात्र-छात्रा तकनीकी शिक्षा से वंचित न रहे। नई शुल्क व्यवस्था से विशेष रूप से ग्रामीण और कमजोर आय वर्ग के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे इंजीनियरिंग और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में नामांकन बढ़ने की उम्मीद है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की पहल से राज्य में कुशल तकनीकी मानव संसाधन तैयार होंगे, जो भविष्य में उद्योग, स्टार्टअप और नवाचार को गति देंगे। यह निर्णय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा में निवेश ही मजबूत भविष्य की आधारशिला है। तकनीकी संस्थानों में शुल्क में भारी कमी से बिहार में उच्च शिक्षा का दायरा और व्यापक होने की संभावना है, जिससे राज्य के विकास को नई गति मिल सकती है।
