सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से अचानक इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया है। पदभार संभालने के महज दो दिन बाद उनके त्यागपत्र से प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, बताया जा रहा है कि उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है।
1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी रहे आलोक राज 31 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार की सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। उसी दिन बिहार सरकार ने उन्हें BSSC का चेयरमैन नियुक्त किया था। आयोग में उनका औपचारिक कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू होना था, लेकिन उन्होंने 4 जनवरी को पदभार ग्रहण किया। नियमानुसार, उन्हें 65 वर्ष की आयु तक यानी अगले पांच वर्षों तक इस पद पर बने रहना था।
सेवानिवृत्ति से पहले आलोक राज बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस अवसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्माण और विकास कार्यों को आगे बढ़ाया। प्रशासनिक सेवा में उनकी पहचान एक सख्त, अनुशासित और निर्णय लेने वाले अधिकारी के रूप में रही है।
गौरतलब है कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग राज्य में विभिन्न विभागों के लिए भर्ती परीक्षाओं के आयोजन की अहम जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में आयोग के अध्यक्ष पद से आलोक राज का अचानक इस्तीफा कई सवाल खड़े कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि आलोक राज की जगह दिसंबर 2025 में 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार को बिहार का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति दो वर्षों के लिए की गई है।
BPSC TRE-3 पेपर लीक में एक और गिरफ्तारी
इधर, बिहार लोक सेवा आयोग के TRE-3 पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक और बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात संजीव मुखिया गिरोह से जुड़े एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बिपुल कुमार उर्फ बिपुल शर्मा के रूप में हुई है, जिसका संबंध हरियाणा STET पेपर लीक मामले से भी बताया जा रहा है।
EOU द्वारा दर्ज कांड संख्या 6/24 में अब तक कुल 289 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारियां जुटा रही है।
