सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
मधुबनी जिले से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। वाहन जांच के दौरान एक पूर्व वार्ड पार्षद के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से की गई बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की जांच के बाद दोषी पाए गए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है।जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 की रात जिले में चल रहे वाहन जांच अभियान के दौरान यह घटना घटी। बाइक सवार एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। पीछा किए जाने के दौरान वह असंतुलित होकर सड़क पर गिर पड़ा। आरोप है कि इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बूट और घूंसे से मारपीट की। यह पूरी घटना किसी ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी सदर एसडीपीओ अमित कुमार को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में मारपीट में संलिप्त पाए गए हवलदार तनवीर आलम और सिपाही महेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही नगर थाना प्रभारी से भी शोकॉज किया गया है।पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में अमानवीय या असंयमित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को संयम, मर्यादा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।बाद में बाइक सवार की पहचान कोतवाली चौक निवासी पूर्व वार्ड पार्षद राम उदगार यादव के रूप में हुई। मेडिकल जांच में उनके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जुर्माना अदा करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
