सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
पटना: बिहार के एक सरकारी स्कूल में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। कक्षा 5 की छात्रा की मौत उस समय हो गई जब स्कूल के बाथरूम में उसे गंभीर रूप से झुलसने की घटना का सामना करना पड़ा। बच्ची को 90% तक गंभीर जलन हुई थी और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
हादसे की जानकारी
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घटना स्कूल के शौचालय में हुई, जहां बच्ची गंभीर रूप से आग की चपेट में आ गई। हादसे के तुरंत बाद छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जल चुका था, जिससे उसे बचाना संभव नहीं हो सका।
उठे बड़े सवाल
इस दर्दनाक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं –
- स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था: क्या स्कूल में शौचालय सहित बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का सही तरीके से ध्यान रखा जा रहा है?
- आपातकालीन व्यवस्था: क्या स्कूल प्रशासन के पास प्राथमिक उपचार और आग से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी?
- निगरानी और जिम्मेदारी: क्या शिक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर ऐसे संस्थानों की जांच की जाती है?
- सरकारी जवाबदेही: अब सरकार और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाएंगे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों?
बिहार के स्कूलों की स्थिति
यह हादसा केवल एक बच्ची की मौत की त्रासदी नहीं, बल्कि बिहार के सरकारी स्कूलों की दुर्दशा को भी उजागर करता है। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के अनेक स्कूलों में अब भी मूलभूत सुविधाओं – जैसे साफ शौचालय, पीने का पानी, बिजली, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा – का घोर अभाव है, जबकि केंद्र सरकार से इसके लिए योजनाओं के तहत धन मिलता रहा है।
निष्कर्ष
एक मासूम की जान चली गई, लेकिन इस हादसे ने स्कूल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब यह सरकार और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे न सिर्फ जांच कर पारदर्शिता दिखाएं, बल्कि ठोस सुधारात्मक कदम उठाएं ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
