प्रतिनिधि, सारस न्यूज़, ठाकुरगंज।
दिल्ली शराब नीति मामला सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया, सीबीआई की जांच पर सख़्त टिप्पणी।
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को कथित शराब नीति घोटाले के मामले में बरी कर दिया गया। अदालत ने कुल 23 आरोपियों को बरी किया। इनमें प्रमुख नाम हैं: अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण पिल्लई, मुथा गौतम, समीर महेन्द्रु, के. कविता, दुर्गेश पाठक और अन्य। कोर्ट ने सीबीआई की जांच में गंभीर खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि एजेंसी आरोप साबित करने में विफल रही।
यह फैसला आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जबकि सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। खबर के अनुसार सीबीआई इस मामले में कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देगी।
कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल पत्रकारों से बात करते समय रो पड़े। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया. यहां तक कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल पत्रकारों से बात करते समय रो पड़े। कोर्ट ने कह दिया है की अरविंद केजरीवाल कट्टर ईमानदार हैं और भ्रष्ट नहीं हैं।
कोर्ट का मामला तो शायद अभी और चले लेकिन देश की सबसे बड़ी एजेंसी सीबीआई को कोर्ट की फटकार व्यवस्था की पोल तो खोल ही देती है। क्युकी इसी सीबीआई ने एक सिटिंग मुख्यमंत्री को जेल भेज दिया और कोर्ट में कोई साबुत पेश नहीं कर सकी।
