सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
कटिहार से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिस महिला की हत्या के आरोप में उसका चचेरा देवर पिछले 10 महीनों से जेल में बंद था, वही महिला अब जीवित और सुरक्षित बरामद हुई है। महिला के जिंदा मिलने के बाद पूरे मामले में पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, करीब 10 महीने पहले आजमनगर थाना क्षेत्र के कुशहा गांव निवासी लख्खी देवी अचानक लापता हो गई थी। महिला के गायब होने के बाद उसके भाई ने चचेरे देवर राजेश यादव पर हत्या का आरोप लगाया। आरोप के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और बिना किसी ठोस साक्ष्य, बिना शव बरामद किए तथा केवल आशंका के आधार पर राजेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामला उस समय पूरी तरह पलट गया जब लख्खी देवी अचानक जिंदा मिल गई। बताया जा रहा है कि वह मरी नहीं थी, बल्कि सुधानी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति के साथ प्रेम विवाह कर पिछले 10 महीनों से वहीं रह रही थी। इस दौरान राजेश यादव हत्या के आरोप में जेल की सजा भुगत रहा था और उसका परिवार सामाजिक बदनामी व पुलिसिया दबाव झेल रहा था।
पुलिस ने अब महिला को सुधानी क्षेत्र से बरामद कर लिया है। महिला के जिंदा मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। राजेश यादव के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया गया और बिना पर्याप्त जांच के जेल भेज दिया गया।
परिवार का कहना है कि जब न शव मिला, न हत्या का कोई पुख्ता सबूत था, तो केवल आरोपों के आधार पर गिरफ्तारी कैसे कर ली गई। अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और शुरुआती जांच पर सवाल उठ रहे हैं।
महिला के बयान के बाद अब मामले की कानूनी दिशा बदल सकती है और राजेश यादव को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही यह मामला एक बार फिर इस बात को सामने लाया है कि आपराधिक मामलों में बिना ठोस प्रमाण के कार्रवाई कितनी गंभीर परिणाम दे सकती है।
