सारस न्यूज़, किशनगंज।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्र या दवा दुकानों की ओर भेजने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जिला प्रशासन ने अस्पताल व्यवस्था को दुरुस्त करने की मुहिम तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी विशाल राज ने सदर अस्पताल किशनगंज का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी, वार्ड, दवा वितरण काउंटर और जांच इकाइयों का भ्रमण किया तथा मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज को बाहरी निजी संस्थानों की ओर भेजना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी अस्पताल आम जनता के लिए उम्मीद का केंद्र होते हैं, जहां उन्हें बिना किसी दबाव या भटकाव के मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की दलाली या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी सेवाएं पारदर्शी ढंग से संचालित हों और मरीजों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले।

वहीं सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। नियमित निरीक्षण के साथ कार्रवाई प्रतिवेदन तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि सरकारी अस्पताल भरोसेमंद, पारदर्शी और जनहितकारी व्यवस्था के रूप में कार्य करें।

