जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं और ऋण वितरण से जुड़े कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान बैंकों के साख जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना, एमएसएमई, कृषि क्षेत्र, प्राथमिक एवं गैर-प्राथमिक क्षेत्र ऋण, जीविका समूहों का वित्तपोषण, पीएमईजीपी, पीएम मुद्रा, पीएम विश्वकर्मा, पीएमएफएमई, प्रधानमंत्री स्वनिधि और प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
एलडीएम ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही (दिसंबर 2025 तक) जिले का साख जमा अनुपात 80.21 प्रतिशत रहा। इस श्रेणी में स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक का प्रदर्शन सर्वोत्तम जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
इसी अवधि में जिले की वार्षिक साख योजना उपलब्धि 61.66 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राज्य औसत 60.39 प्रतिशत से बेहतर रही। इस क्षेत्र में आईसीआईसीआई बैंक अग्रणी रहा। एमएसएमई सेक्टर में लक्ष्य के विरुद्ध 50.09 प्रतिशत, कृषि क्षेत्र में 70.02 प्रतिशत, प्राथमिक क्षेत्र में 58.30 प्रतिशत और गैर-प्राथमिक क्षेत्र में 73.03 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। एमएसएमई, कृषि एवं प्राथमिक क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक जबकि गैर-प्राथमिक क्षेत्र में इंडियन बैंक का प्रदर्शन श्रेष्ठ रहा।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत जिले की उपलब्धि 49.16 प्रतिशत रही। इस अवधि में किसानों को कुल 36,146 रुपये कार्ड जारी किए गए, जिनमें से 1,471 सक्रिय पाए गए। वाणिज्यिक बैंकों में इस क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन बेहतर रहा।
जीविका समूहों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही तक प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ क्रेडिट लिंकेज के तहत कुल 1,454 आवेदनों में 7,727.07 लाख रुपये की ऋण स्वीकृति प्रदान की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) में लक्ष्य 71 के विरुद्ध 53 आवेदनों को स्वीकृति मिली।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जिले में कुल 55,928 ऋण स्वीकृत हुए, जिनकी कुल राशि 55,230.14 लाख रुपये रही। इसमें शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस श्रेणियों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) में लक्ष्य 138 के विरुद्ध 316 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 स्वीकृत हुए तथा 61 आवेदनों को बैंकों द्वारा ऋण वितरित किया गया।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 1,033 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 392 मामलों में 368.5 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 314 मामलों में 299 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रथम ऋण चरण में 1,582 आवेदनों में से 1,232 स्वीकृत तथा 1,178 लाभार्थियों को भुगतान किया गया। द्वितीय चरण में 350 और तृतीय चरण में 97 आवेदनों को स्वीकृति दी गई।
प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की तिमाही तक
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: 1,36,625
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 5,11,056
अटल पेंशन योजना: 99,467 लाभार्थी जोड़े गए।
जिले में वर्तमान में 113 बैंक शाखाएँ, 70 एटीएम और 862 ग्राहक सेवा केंद्र कार्यरत हैं।
बैठक में बैंकिंग वसूली मामलों की समीक्षा में पाया गया कि कुल 7,636 सर्टिफिकेट वाद लंबित हैं, जिनमें से केवल 54 का निष्पादन हुआ है, जबकि सरफेसी वाद शून्य हैं।
जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि आगामी बैठक से पहले रजिस्टर-एक्स एवं रजिस्टर-नाइन का अद्यतन मिलान सुनिश्चित करें। साथ ही, नीलाम पत्र से संबंधित लंबित मामलों पर असंतोष जताते हुए संबंधित शाखाओं के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएमईजीपी सहित सभी योजनाओं में मार्च से पहले शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर प्रविष्टियाँ लंबित न रहें।
बैठक में एडीएम आपदा प्रबंधन श्री मो. उमैर, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग श्रीमती श्रीति कुमारी, एलडीएम श्री अभिषेक, जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे।
सारस न्यूज़, किशनगंज।
जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं और ऋण वितरण से जुड़े कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान बैंकों के साख जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना, एमएसएमई, कृषि क्षेत्र, प्राथमिक एवं गैर-प्राथमिक क्षेत्र ऋण, जीविका समूहों का वित्तपोषण, पीएमईजीपी, पीएम मुद्रा, पीएम विश्वकर्मा, पीएमएफएमई, प्रधानमंत्री स्वनिधि और प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
एलडीएम ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही (दिसंबर 2025 तक) जिले का साख जमा अनुपात 80.21 प्रतिशत रहा। इस श्रेणी में स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक का प्रदर्शन सर्वोत्तम जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
इसी अवधि में जिले की वार्षिक साख योजना उपलब्धि 61.66 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राज्य औसत 60.39 प्रतिशत से बेहतर रही। इस क्षेत्र में आईसीआईसीआई बैंक अग्रणी रहा। एमएसएमई सेक्टर में लक्ष्य के विरुद्ध 50.09 प्रतिशत, कृषि क्षेत्र में 70.02 प्रतिशत, प्राथमिक क्षेत्र में 58.30 प्रतिशत और गैर-प्राथमिक क्षेत्र में 73.03 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। एमएसएमई, कृषि एवं प्राथमिक क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक जबकि गैर-प्राथमिक क्षेत्र में इंडियन बैंक का प्रदर्शन श्रेष्ठ रहा।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत जिले की उपलब्धि 49.16 प्रतिशत रही। इस अवधि में किसानों को कुल 36,146 रुपये कार्ड जारी किए गए, जिनमें से 1,471 सक्रिय पाए गए। वाणिज्यिक बैंकों में इस क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन बेहतर रहा।
जीविका समूहों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही तक प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ क्रेडिट लिंकेज के तहत कुल 1,454 आवेदनों में 7,727.07 लाख रुपये की ऋण स्वीकृति प्रदान की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) में लक्ष्य 71 के विरुद्ध 53 आवेदनों को स्वीकृति मिली।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जिले में कुल 55,928 ऋण स्वीकृत हुए, जिनकी कुल राशि 55,230.14 लाख रुपये रही। इसमें शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस श्रेणियों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) में लक्ष्य 138 के विरुद्ध 316 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 स्वीकृत हुए तथा 61 आवेदनों को बैंकों द्वारा ऋण वितरित किया गया।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 1,033 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 392 मामलों में 368.5 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 314 मामलों में 299 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रथम ऋण चरण में 1,582 आवेदनों में से 1,232 स्वीकृत तथा 1,178 लाभार्थियों को भुगतान किया गया। द्वितीय चरण में 350 और तृतीय चरण में 97 आवेदनों को स्वीकृति दी गई।
प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की तिमाही तक
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: 1,36,625
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 5,11,056
अटल पेंशन योजना: 99,467 लाभार्थी जोड़े गए।
जिले में वर्तमान में 113 बैंक शाखाएँ, 70 एटीएम और 862 ग्राहक सेवा केंद्र कार्यरत हैं।
बैठक में बैंकिंग वसूली मामलों की समीक्षा में पाया गया कि कुल 7,636 सर्टिफिकेट वाद लंबित हैं, जिनमें से केवल 54 का निष्पादन हुआ है, जबकि सरफेसी वाद शून्य हैं।
जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि आगामी बैठक से पहले रजिस्टर-एक्स एवं रजिस्टर-नाइन का अद्यतन मिलान सुनिश्चित करें। साथ ही, नीलाम पत्र से संबंधित लंबित मामलों पर असंतोष जताते हुए संबंधित शाखाओं के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएमईजीपी सहित सभी योजनाओं में मार्च से पहले शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर प्रविष्टियाँ लंबित न रहें।
बैठक में एडीएम आपदा प्रबंधन श्री मो. उमैर, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग श्रीमती श्रीति कुमारी, एलडीएम श्री अभिषेक, जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे।