किशनगंज: समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में बुधवार को नागरिक उड्डयन सह पर्यटन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में गैस आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, कृषि व्यवस्था तथा अन्य विभागों की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से संबंधित एलपीजी गैस की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर चर्चा की गई। जिला नोडल पदाधिकारी ने बताया कि किशनगंज जिले में वर्तमान में कुल 33 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें इंडियन ऑयल की एजेंसियों की संख्या सबसे अधिक है। बांका और पूर्णियां जिलों से आने वाली गैस आपूर्ति तथा सड़क मार्ग से होने वाली आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समीक्षा के क्रम में कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों के संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों का सही तरीके से पंजीकरण किया जाए और व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि हॉस्टल, अस्पताल, सरकारी स्कूल और अन्य संस्थानों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी विशाल राज ने बैठक में जानकारी दी कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी पर नियंत्रण के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में 31 मार्च को जिले के 46 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई थी।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उर्वरकों जैसे यूरिया और डीएपी की उपलब्धता, उठाव और वितरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। साथ ही फसल क्षति के बाद किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की प्रगति की जानकारी भी ली गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किशनगंज जिले में करीब 7000 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय और लगभग 3000 हेक्टेयर में पाइनएप्पल की खेती की जाती है, जबकि एक लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर कृषि कार्य होता है। जिले में तीन कोल्ड स्टोरेज भी संचालित हैं।
बैठक में ऊर्जा विभाग के अंतर्गत ठाकुरगंज ग्रिड की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में खाद्यान्न, आटा, उर्वरक, गैस सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
समीक्षा बैठक में प्रवासी श्रमिकों की संभावित वापसी को लेकर भी चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों में गैस आधारित उद्योग प्रभावित होने के कारण मजदूरों के वापस आने की संभावना बन रही है। ऐसे में जिला प्रशासन को उनके लिए सरकारी सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
जीविका समूहों के माध्यम से संचालित ‘दीदी की रसोई’ में गैस सिलेंडर की शत-प्रतिशत उपलब्धता की जानकारी भी बैठक में दी गई। इसके साथ ही बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के बाद दोबारा गैस बुकिंग की व्यवस्था लागू है।
बैठक के दौरान जिले के तीनों नगर पंचायत—ठाकुरगंज, बहादुरगंज और पोआखली—को शहरी क्षेत्र के रूप में शामिल करने की मांग का मुद्दा भी उठाया गया। सचिव ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एरिया मैनेजर से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक के बाद सचिव ने समाहरणालय परिसर स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में संचालित कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया।
इस अवसर पर एडीएम अमरेंद्र कुमार पंकज, एडीएम आपदा प्रबंधन, एडीएम विभागीय जांच, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सारस न्यूज़, किशनगंज।
किशनगंज: समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में बुधवार को नागरिक उड्डयन सह पर्यटन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में गैस आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, कृषि व्यवस्था तथा अन्य विभागों की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से संबंधित एलपीजी गैस की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर चर्चा की गई। जिला नोडल पदाधिकारी ने बताया कि किशनगंज जिले में वर्तमान में कुल 33 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें इंडियन ऑयल की एजेंसियों की संख्या सबसे अधिक है। बांका और पूर्णियां जिलों से आने वाली गैस आपूर्ति तथा सड़क मार्ग से होने वाली आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समीक्षा के क्रम में कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों के संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों का सही तरीके से पंजीकरण किया जाए और व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि हॉस्टल, अस्पताल, सरकारी स्कूल और अन्य संस्थानों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी विशाल राज ने बैठक में जानकारी दी कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी पर नियंत्रण के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में 31 मार्च को जिले के 46 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई थी।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उर्वरकों जैसे यूरिया और डीएपी की उपलब्धता, उठाव और वितरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। साथ ही फसल क्षति के बाद किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की प्रगति की जानकारी भी ली गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किशनगंज जिले में करीब 7000 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय और लगभग 3000 हेक्टेयर में पाइनएप्पल की खेती की जाती है, जबकि एक लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर कृषि कार्य होता है। जिले में तीन कोल्ड स्टोरेज भी संचालित हैं।
बैठक में ऊर्जा विभाग के अंतर्गत ठाकुरगंज ग्रिड की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में खाद्यान्न, आटा, उर्वरक, गैस सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
समीक्षा बैठक में प्रवासी श्रमिकों की संभावित वापसी को लेकर भी चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों में गैस आधारित उद्योग प्रभावित होने के कारण मजदूरों के वापस आने की संभावना बन रही है। ऐसे में जिला प्रशासन को उनके लिए सरकारी सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
जीविका समूहों के माध्यम से संचालित ‘दीदी की रसोई’ में गैस सिलेंडर की शत-प्रतिशत उपलब्धता की जानकारी भी बैठक में दी गई। इसके साथ ही बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के बाद दोबारा गैस बुकिंग की व्यवस्था लागू है।
बैठक के दौरान जिले के तीनों नगर पंचायत—ठाकुरगंज, बहादुरगंज और पोआखली—को शहरी क्षेत्र के रूप में शामिल करने की मांग का मुद्दा भी उठाया गया। सचिव ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एरिया मैनेजर से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक के बाद सचिव ने समाहरणालय परिसर स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में संचालित कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया।
इस अवसर पर एडीएम अमरेंद्र कुमार पंकज, एडीएम आपदा प्रबंधन, एडीएम विभागीय जांच, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।